ऊर्जा एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि भारत के प्राचीनकाल के वैभव को लौटाने एवं स्वस्थ एवं सुखी समाज के निर्माण के लिये मीडिया को सकारात्मकता को प्राथमिकता देना होगी। मीडिया समाज को तेजी से प्रभावित करता है।
इस वजह से मीडिया की समाज के प्रति ज्यादा जिम्मेदारी हो जाती है। ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ल आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय मीडिया महा-सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का विषय ‘स्वस्थ एवं सुखी समाज के निर्माण में मीडिया की भूमिका” था।
जनसम्पर्क मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया के अनेक देश ने भारत की प्राचीन परम्परा योग को अपनाकर भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की चौथे स्तंभ के रूप में मान्यता होने की चर्चा करते हुए श्री शुक्ल ने कहा कि समाज में मीडिया सजग प्रहरी की भूमिका का निर्वहन करता है। सृजनशीलता एवं सकारात्मक समाचारों से समाज पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा और देश में स्वस्थ एवं सुखी समाज का निर्माण होगा। जनसम्पर्क मंत्री ने कहा कि हाल ही के वर्षों में मध्यप्रदेश में कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, सड़क एवं अन्य अधोसंरचना कार्यों में राज्य सरकार ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इससे मध्यप्रदेश की सारे देश में तेजी से उभरते राज्य के रूप में पहचान बनी है। उन्होंने दुष्प्रचार करने वालों से मुकाबला करने के लिये मीडिया से समाज में सही वस्तु-स्थिति पहुँचाने का भी आग्रह किया।
महा-सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित ब्रॉडकास्टर एडीटर एसोसिएशन, नई दिल्ली के सचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री एन.के. सिंह ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं में प्रतिपक्ष और मीडिया की अलग भूमिका रही है। मीडिया सत्ता को उनकी कमजोरियों से वाकिफ कराने का सतत कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 वर्ष में भारत का मीडिया और मजबूत होगा तथा दुनियाभर का मीडिया भारत के मीडिया का अनुसरण करेगा। श्री एन.के. सिंह ने कहा कि भारत का मीडिया सेल्फ रेगुलेट होता है, जबकि यूरोप में मीडिया कांटेक्ट बेस है। राजयोगिनी बी.के. अवधेश बहनजी ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था पिछले 74 वर्ष से आदर्श समाज के निर्माण के लिये प्रयत्नशील है। संस्था के इस उद्देश्य को पूरा करने में मीडिया अहम रोल अदा कर सकती है।