मध्यप्रदेश की पौध-रोपण कार्य-योजना को भारत सरकार ने सराहा

भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने मध्यप्रदेश द्वारा ग्रीन इण्डिया मिशन को पूरा करने के उद्देश्य से पौध-रोपण की बनायी गई रणनीति की सराहना की है। केन्द्र ने अन्य राज्यों को मध्यप्रदेश का उदाहरण देते हुए मनरेगा कनवर्जेंस से पौध-रोपण के लिये इसी तरह की रणनीति तैयार कर उसे अमल में लाने को कहा है।

प्रदेश में मनरेगा के साथ विभिन्न विभाग के कन्वर्जेंस से आगामी साल में 3.25 करोड़ आजीविका मूलक पौधे रोपे जायेंगे। इससे मनरेगा जाबकार्डधारियों को काम भी मिलेगा और आजीविका के साधन भी उपलब्ध होंगे। इस काम को अंजाम देने के लिये राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने विस्तृत रणनीति तैयार की है। रणनीति के जरिये हितग्राहियों के चयन से लेकर पौधों से होने वाली उपज के लिये उचित मार्केटिंग व्यवस्था तक को शामिल किया गया है। साथ ही पौध-रोपण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिये विस्तृत कार्य-योजना तैयार की गई है। पौधे को लगाने, रखरखाव आदि व्यवस्था के लिये तकनीकी बारीकियों की जानकारी और मार्गदर्शन वाली पुस्तिका ”सामर्थ्य” भी मैदानी अमले को भेजी गयी है।

मनरेगा आयुक्त श्रीमती स्मिता भारद्वाज ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा मैदानी अमले को तकनीक की बारीकियाँ बताने के लिये 23 जुलाई 2015 से प्रदेश के सभी संभाग में संभागीय स्तर पर कार्यशालाएँ की जायेगी। कार्यशाला में सभी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने जिले की कार्य-योजना पर प्रजेन्टेशन देंगे। इस दौरान मनरेगा, उद्यानिकी, रेशम तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित वृक्षारोपण से संबंधित मैदानी अमला मौजूद रहेगा। इससे वृक्षारोपण की तकनीकी बारीकियों सहित वृक्षारोपण कार्य के अभियान को मूर्तरूप देने संबंधी विषयों पर चर्चा की जायेगी।

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