मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने ईज ऑफ डूइंग में 15 केन्द्रीय श्रम कानून प्रक्रिया को सरल करने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय के जरिये राष्ट्रपति की सहमति के लिए प्रस्ताव भेजा है। राज्य शासन ने 15 केन्द्रीय श्रम कानून के प्रावधान में जरूरी बदलाव करते हुए उन्हें उदार एवं सरल बनाने के लिए
मध्यप्रदेश श्रम कानून (संशोधन) एवं विविध प्रावधान विधेयक-2015 राज्य विधानसभा में 22 जुलाई 2015 को पारित कर केन्द्र को भेजा है। स्वीकृति के बाद इसे राज्य में अधिनियम के रूप में लागू किया जा सकेगा। श्रम कानूनों में बदलाव और उन्हें सरल बनाने में प्रदेश देश में अग्रणी है। गत वर्ष वालिंटियरी कम्प्लायंस स्कीम के माध्यम से 13 केन्द्रीय श्रम कानून की प्रक्रियाओं को प्रशासकीय आदेश द्वारा राज्य में पहले ही सरल किया जा चुका है।
संशोधन प्रस्ताव
भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्तों का विनिमयन) अधिनियम, संविदा श्रम अधिनियम, अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार और मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम में संस्थान का पंजीयन या अनुज्ञप्ति 30 दिन में जारी न होने एवं इस संबंध में कोई आपत्ति की सूचना नहीं दिये जाने पर आवेदक स्वत: पंजीकृत अथवा अनुज्ञप्त माना जायेगा। इससे कोई भी आवेदन अनावश्यक रूप से कार्यालयों में लंबित नहीं रहेंगे।
भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 में भवन एवं अन्य संन्निर्माण की लागत में कारखाना निर्माण की स्थिति में प्लांट एवं मशीनरी की लागत को शामिल नहीं किये जाने के तथा उपकर निर्धारित आदेश के विरुद्ध अपील संबंधी प्रक्रिया को राज्य शासन द्वारा तय किये जाने का प्रस्ताव है। इससे राज्य में निर्माण कार्य के नियोजकों के लिए सुविधाजनक स्थिति बनेगी और अधिकाधिक नियोजक उप कर जमा करने के लिए तत्पर होंगे।
कारखाना अधिनियम, 1948 में श्रमिकों के ओवर टाइम कार्य के घंटों को किसी तिमाही में 75 से बढ़ाकर 125 किया जाना प्रस्तावित है। ओवर टाइम श्रमिक की सहमति से करवाया जायेगा। रात्रि पाली में महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए रात्रि 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य की अनुमति दी जाना प्रस्तावित है।
इसके साथ ही श्रमिकों को चालू केलेण्डर वर्ष में 240 दिन कार्य करने पर आगामी केलेण्डर वर्ष में सवैतनिक अवकाश की पात्रता होने संबंधी प्रावधान के स्थान पर 180 दिन कार्य करने पर उसी केलेण्डर वर्ष में सवैतनिक अवकाश की सुविधा का प्रावधान किया गया है।