उत्तराखंड प्राकृतिक आपदा में फँसे प्रदेश के तीर्थ-यात्रियों को सुरक्षित लौटाने की राज्य सरकार की कोशिशों के परिणाम मिलने लगे हैं। कल प्रदेश से गये चार अधिकारी हेलीकाप्टर से गौरी कुंड में उतरे। इन अधिकारियों ने कुंड में फँसे प्रदेश के तीर्थ-यात्रियों को सड़क मार्ग से जोशी मठ लाना शुरू कर दिया है। आज बद्रीनाथ में फँसे तीर्थ-यात्रियों को जोशी मठ लाने के प्रयास भी किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आज यहाँ उत्तराखंड की प्राकृतिक आपदा के संबंध में की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी गयी।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये हैं कि सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों से उत्तराखंड गये तीर्थ-यात्रियों की जानकारी इकट्ठी करें। श्री चौहान ने बैठक के दौरान हरिद्वार में व्यवस्थाओं का समन्वय कर रहे संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा से दूरभाष पर बात की। बताया गया कि हरिद्वार में दस बस की व्यवस्था की गयी है। यह बसें प्रदेश के तीर्थ-यात्रियों को लाने का काम करेंगी। राज्य सरकार पूरे देश से तलाश कर कम वजनी (लाइटवेट) हेलीकाप्टर की व्यवस्था के प्रयास कर रही है। एक हेलीकाप्टर बैंगलुरू से रवाना हो रहा है। भारी वजन के हेलीकाप्टर के उतरने में कठिनाई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वर्षा की स्थिति को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में भी सुरक्षा प्रबंध करने और सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं।