मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और संभाग आयुक्तों को निर्देश दिये हैं कि मोहर्रम, विजयादशमी और देवी विसर्जन के धार्मिक अवसरों को दृष्टिगत रखते हुए अपने-अपने जिलों में चुस्त दुरूस्त कानून व्यवस्था के पूरे इंतजाम कर लें। शांति समिति की बैठक करे और मुहर्रम के जुलूस, देवी विसर्जन और दशहरे पर पथ संचलन के मार्गों को समुदाय के सहयोग और आपसी सहमति से तय करें। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में छोटी सी चूक भी नहीं होना चाहिये।
मुख्यमंत्री आज यहाँ मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और संभाग आयुक्तों से चर्चा कर रहे थे।
श्री चौहान ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिये कि जिन क्षेत्रों में तनाव की स्थित बन सकती है वहाँ तत्काल भ्रमण करें और सबको साथ लेकर आपसी संवाद के बाद आवश्यक निर्णय लें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है। यहाँ के शांतिप्रिय लोग सर्वधर्म समभाव की परंपरा और सदभाव के साथ धार्मिक पर्व मनाते आ रहे हैं। उन्होंने नवरात्रि में देवी मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की बडी संख्या को देखते हुए अभी से प्रबंधन व्यवस्थाएँ ठीक करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालयों पर वीडियो कॉफ्रेंसिंग कक्ष में एकत्रित हुए जन-प्रतिनिधियों और प्रभारी मंत्रियों से भी आग्रह किया कि वे जिला प्रशासन को इस काम में भरपूर सहयोग करें और सभी संबंधित वर्गों और गणमान्य नागरिकों से लगातार संवाद बनाये रखें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संवेदनशील स्थानों को पहले से चिन्हित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जन-प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन से जुड़े अमले को भी लगातार सर्तकता बरतने की जरूरत है। श्री चौहान ने कहा कि त्यौहारों पर कई स्थान पर मेले आयोजित होते हैं और लोग इकट्ठा होते हैं ऐसे में कानून-व्यवस्था एवं प्रबंधन व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों को आपातकालीन स्थितियों को छोड़ अवकाश नहीं मिलेगा। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में आम लोगों से भी सहयोग लें और मध्यप्रदेश की शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द की परंपरा को आगे बढ़ाये। मुख्यमंत्री ने त्यौहारों के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने पर भी नियंत्रण रखने के निर्देश दिये। उन्होंने रीवा में उपस्थित ऊर्जा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल को निर्देश दिये कि त्यौहार के दौरान विद्युत प्रदाय किसी भी कीमत पर बाधित नहीं होने चाहिये।
किसानों के साथ सरकार
अवर्षा से पैदा स्थिति से किसानों पर आये संकट के संबंध में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय में सरकार किसानों के साथ है और उन्हें मदद देने के लिये सभी जरूरी कदम उठा रही है। किसानों को सहायता और राहत देने के लिये भारत सरकार को जल्द ही अनुरोध पत्र भेजा जायेगा। इसके लिये 15 अक्टूबर तक सभी कलेक्टर को आवश्यक जानकारी निर्धारित प्रपत्र में भेजने के निर्देश दिये गये हैं।
श्री चौहान ने कलेक्टरों से कहा कि किसानों को फसल बीमा योजना के प्रावधानों का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलायें। इसके लिये सतर्क और सजग रह कर किसानों की मदद करें। उन्होंने कहा कि फसल कटाई प्रयोग को सही तरीके से करने पर किसानों की अधिकतम मदद हो सकती है। कटाई प्रयोग की जानकारी हर हालत में 15 नवम्बर तक अपलोड कर दें ताकि जल्दी राहत दी जा सके। इसके अलावा एग्रीकल्चर इंश्युरेंस इंडिया लिमिटेड कंपनी से लाभ देने के लिये सभी जरूरी औपचारिकताएँ 30 अक्टूबर तक पूरी कर दें। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि वे इस संबंध में स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को भी लगातार सूचित करें। उन्होंने कहा कि इस काम में चूक होने या विलम्ब होने पर कलेक्टरों को जिम्मेदार ठहराया जायेगा।
श्री चौहान ने सूखे के संबंध में कहा कि हर जिले में बोरी बँधान जैसे पानी रोकने के सभी तरीके अभी से अपनाना शुरू करें। सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी के भी पर्याप्त इंतजाम किये जायेंगे। पूरी कोशिश होगी कि जो फसल बची है उससे और रबी की आने वाली फसल से किसानों को पूरा लाभ मिले। जलाशयों में सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी है और रबी में 28 लाख हेक्टेयर सिंचाई हो सकती है। खाद का पर्याप्त भंडारण है। यदि कोई कालाबाजारी करेगा तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि वे अपने जिलों की जरूरत के मुताबिक किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने के लिये नवाचारी कदम उठा सकते हैं।