सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की दिक्कत नहीं आये

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की दिक्कत नहीं आए इसके लिए अभी से प्रबंध करें। पेयजल योजनाओं को समय-सीमा में लागू किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुश्री कुसुम महदेले और मुख्य सचिव श्री अन्‍टोनी डिसा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी ग्रामों में नल-जल योजना के माध्यम से घरों तक पेयजल उपलब्ध करवाने के कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने का रोड मेप बनाये। ग्रामों में पेयजल उपलब्धता का वैज्ञानिक और तकनीकी सर्वे करवाये। नल-जल योजनाओं के कार्य समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण हो। यह सुनिश्चित करें कि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी नल-जल योजनाएँ बेहतर तरीके से संचालित हो। राज्य जल निगम द्वारा स्वीकृत समूह नल-जल योजनाओं के कार्य समय-सीमा में पूरे किये जाये।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 12 हजार 131 नल-जल योजनाएँ चालू हैं। प्रदेश की 2000 आदिवासी बसाहटों में सोलर एनर्जी पर आधारित नल-जल योजनाएँ चलाई जायेगी। चालीस जिले की 14 हजार 800 ग्राम के लिए नल-जल योजनाओं के प्रस्ताव बनाए गए हैं। राज्य जल निगम द्वारा प्रदेश के 738 ग्राम की 20 समूह नल-जल योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री इकबाल सिंह बैस, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री अश्विनी राय, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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