केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो-सीबीआई ने इशरत जहां मुठभेड़ को फर्जी बताया है। सी बी आई ने इस मामले में कल आरोप पत्र दाखिल कर कहा कि गुजरात पुलिस और उसके सहायक खुफिया ब्यूरो ने मिलकर मुठभेड़ का यह अभियान चलाया। जांच एजेंसी ने कहा है कि सहायक पुलिस महानिदेशक पी पी पाण्डे और निलंबित पुलिस अधिकारी डी जी वंज+ारा, जी एल सिंघल, तरूण बारोट, एन. के. अमीन, अनाजु चौधरी और जे. जी. परमार के अपराध में शामिल होने के सबूत मिले हैं। सीबीआई ने यह भी कहा कि खुफिया ब्यूरो के विशेष निदेशक राजिन्दर कुमार और चार अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है। आरोप पत्र के अनुसार इशरत जहां आतंकवादी नहीं थी, लेकिन उसके साथ मारे गये तीन लोगों के आतंकवादियों के साथ संबंध थे।