नई दिल्ली में किशोर अपराध न्याय बोर्ड ने दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक नाबालिग आरोपी की भूमिका पर अपना फैसला आज सुरक्षित रखा। इस बोर्ड को आज फैसला सुनाना था, लेकिन उसने इसे २५ जुलाई तक स्थगित कर दिया।पिछले दिसम्बर में राजधानी दिल्ली में एक चलती बस में २३ वर्षीय छात्रा के साथ निर्दयता से मारपीट करने और सामूहिक दुष्कर्म मामले में ये पहला फैसला होगा। किशोर अपराध न्यायिक बोर्ड के वकील राजेश तिवारी ने बताया कि बोर्ड ने मीडिया के लिए भी कुछ निर्देश जारी किये और उससे मामले की कार्रवाई की खबर देते समय संयम बरतने को कहा। ये आरोपी अपराध के समय १७ वर्ष का था और दोषी पाए जाने पर इसे अधिकतम तीन वर्ष की कैद की सजा सुनाई जा सकती है।