कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कीटनाशी औषधियां लायसेंसधारी दुकान से ही क्रय करें। क्रय की गयी औषधि का उधार-नकदी देयक अवश्य प्राप्त करें। इससे कीटनाशी औषधि खराब निकलने पर संबंधित दुकानदार के विरूद्ध कार्यवाही करने में आसानी होगी।
किसानों को यह देख लेना चाहिये कि देयक में कीटनाशी औषधि की निर्माता कम्पनी का नाम, बैंच नम्बर, निर्माण तथा आवसाद तिथि स्पष्ट रूप से अंकित हो। कीटनाशी औषधि पर अंकित दर अनुसार ही कीटनाशी औषधि की कीमत का भुगतान करें। किसी भी स्थिति में बिना देयक के औषधि क्रय नहीं करें। बिल की द्वितीय प्रति पर अपने हस्ताक्षर जरूर करें। लायसेंसधारी विक्रेताओं से कहा गया है कि वे अपने लायसेंस का नवीनीकरण निर्धारित अवधि में करवा लें।