भारतीय संस्कृति की पहचान है खजुराहो नृत्य समारोह

सात दिवसीय खजुराहो नृत्य समारोह का शुभारंभ संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा ने किया। उन्होंने कहा कि समारोह भारतीय कला एवं संस्कृति की पहचान है। संस्कृति विभाग द्वारा भारतीय कला एवं संस्कृति को सँजोये रखने एवं संवर्धन का कार्य लगातार किया जा रहा है। समारोह का शुभारंभ रंजना गौहर एवं साथियों द्वारा प्रस्तुत ओडिसी समूह नृत्य के साथ हुआ। इसके बाद मधुमिता राय एवं माधुरी मजूमदार द्वारा कथक-कुचिपुड़ी एवं पूर्वा धनाश्री ने भरत नाट्यम की प्रस्तुति दी।

समारोह में राज्य रूपंकर कला पुरस्कार और प्रदर्शनी-अलंकरण का आयोजन किया गया। इसके साथ ही मणिपुर की प्रदर्शनकारी कलाओं की कला यात्रा-नेपथ्य, ललित कलाओं का मेला-आर्ट मार्ट, देशज कला परंपरा का मेला-हुनर भी आकर्षण है। समारोह में कलाकार और कलाविदों का संवाद-कलावार्ता भी मुख्य अंग है। इस बार अंतर्राष्ट्रीय फिल्म प्रभाग कला परंपरा और कलाकारों पर केंद्रित फिल्मों का उपक्रम-चल चित्र भी महत्वपूर्ण अंग है। शुभारंभ में अतिथियों ने 10 अलंकरण पुरस्कारों का वितरण किया।

समारोह के दूसरे दिन 21 फरवरी को मैथिल देविका द्वारा मोहिनीअट्टम, मधु नटराज एवं साथियों द्वारा कथक एवं समकालीन नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी। नाट्य बैले सेंटर द्वारा ओडिसी समूह की प्रस्तुति दी जायेगी। तीसरे दिन 22 फरवरी को डेनियल द्वारा कथक, मधुस्मिता मोहंती-रमेश चंद्र जेना द्वारा ओडिसी युगल तथा सुकांत कुमार आचार्य द्वारा सराईकेला (छाऊ) नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी। चौथे दिन 23 फरवरी को प्रतीक्षा काशी द्वारा कुचिपुड़ी, अनु सिन्हा और साथियों द्वारा कथक ओडिसी एवं समकालीन तथा लुबना मरियम द्वारा मणिपुरी समूह की प्रस्तुति दी जायेगी।

पाँचवें दिन 24 फरवरी को देवयानी द्वारा भरतनाट्यम, निशि सिंह-वाणी माधव द्वारा कथक एवं ओडिसी तथा अल्पना वाजपेयी द्वारा कथक समूह की प्रस्तुति दी जायेगी। छठवें दिन 25 फरवरी को नव किशोर मिश्र द्वारा ओडिसी, श्रीजीत नाम्बयार-पार्वती मेनन द्वारा भरतनाट्यम युगल तथा दीपिका रेड्डी द्वारा कुचिपुड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी। अंतिम दिन 26 फरवरी को राजेन्द्र गंगानी द्वारा कथक, षरण्या चंद्रन एवं राधाकृष्णन अमृताश्रुति द्वारा भरतनाट्यम युगल तथा अनिता गुहा द्वारा भरतनाट्यम समूह की प्रस्तुति दी जायेगी।

समारोह 20 से 26 फरवरी तक प्रतिदिन शाम 7 बजे से किया जा रहा है। समारोह संस्कृति विभाग के अंतर्गत उस्ताद अलाउद्दीन खान संगीत एवं कला अकादमी और संस्कृति परिषद्, भोपाल द्वारा किया जा रहा है। शुभारंभ अवसर पर उस्ताद अलाउद्दीन खान संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक श्री अनिल कुमार, इंडियन ऑयल एवं एलआईसी के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, विदेशी पर्यटक एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।

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