कोई भी कानून महिलाओं को पूजास्‍थल में प्रवेश से नहीं रोक सकता

बम्‍बई उच्‍च न्‍यायालय ने व्‍यवस्‍था दी है कि कि कोई भी कानून महिलाओं को पूजास्‍थल में प्रवेश से नहीं रोक सकता, यदि पुरूषों को वहां जाने की अनुमति है तो महिलाओं को भी अनुमति होनी चाहिए। न्‍यायालय ने यह भी कहा कि पाबंदी लगाने वाले किसी भी मंदिर या व्‍यक्ति पर महाराष्‍ट्र हिन्‍दू पूजास्‍थल (प्रवेश अधिकार) कानून 1956 के तहत छह महीने की जेल की सजा हो सकती है। मुख्‍य न्‍यायाधीश वाघेला ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण राज्‍य सरकार की जिम्‍मेदारी है।

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