भारत और अमरीका विदेशों में कर चोरी से निपटने और सीमा पार कर सूचना के आदान प्रदान में सहयोग बढ़ाने संबंधी समझौते पर सहमत हो गए हैं। वित्तमंत्री अरुण जेटली और अमरीका के वित्त मंत्री जैकब ल्यू ने कल वाशिंगटन में अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक के दौरान छठी भारत अमरीका आर्थिक और वित्तीय भागीदारी की सह-अध्यक्षता की। बैठक के बाद संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने आपसी कर विवादों के कुछ महत्वपूर्ण मुददों को हल कर लिया है।
दोनों नेताओं ने सूचना का आदान प्रदान बढ़ाने तथा सहयोग के जरिए आतंकवाद को वित्तीय सहायता मिलने की समस्या से निपटने पर भी बातचीत की। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने में सभी प्रकार के अवैध वित्तीय साधनों का मुकाबला करने पर भी सहमति व्यक्त की।
संयुक्त बयान में यह भी कहा गया है कि अमरीका आधुनिक ढांचागत सुविधाएं तैयार करने और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के अभियान में भारत के प्रयासों का समर्थन करेगा।
इस बीच भारत ने वीजा शुल्क बढ़ाने के अमरीका के फैसले पर चिन्ता व्यक्त की और कहा कि यह भेदभावपूर्ण है तथा इससे ज्यादातर भारतीय आई टी व्यवसायी प्रभावित होंगे।