श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़े की निकली पेशवाई

श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा दशनाम बाबा सन्यासी रमता पंच की आज भव्य पेशवाई नीलगंगा पड़ाव से निकली। पेशवाई के पहले प्रभारी मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने श्री महन्त अटल पीठाधीश्वर स्वामी सुखदेवानन्दजी, महामण्डलेश्वर स्वामी महेश्वरानन्द का पुष्पहार से स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया। तराना विधायक श्री अनिल फिरोजिया ने भी महन्तों का स्वागत किया।

पेशवाई में नागा सन्त एवं महामण्डलेश्वर स्वामी महेश्वरानन्द के विदेशी शिष्य आकर्षण के केन्द्र बने। पेशवाई प्रारंभ होते ही स्थानीय एवं बाहर से आये श्रद्धालुओं ने पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। पेशवाई ने नीलगंगा से प्रारंभ होकर फ्रीगंज, चामुण्डा माता, देवास गेट, मालीपुरा, दौलतगंज, कंठाल, सती गेट, गोपाल मंदिर, गुदरी चौराहा एवं कार्तिक चौक से होते हुए छावनी में प्रवेश किया। पेशवाई में महन्त स्वामी प्रेमानन्दजी, स्वामी जयकिशन गिरि, स्वामी रूद्रपुरीजी, स्वामी अनिलपुरीजी, श्रीमहन्त उदयगिरिजी, स्वामी मोहनपुरीजी, गिरिजानन्दपुरीजी रथ में सवार होकर पेशवाई में शामिल हुए।

श्री पंचायती निर्मल अखाड़े की निकली पेशवाई

धर्म, आध्यात्म एवं सनातन परम्परा के दर्शन कर उज्जैन एवं बाहर से आए श्रद्धालु अभिभूत हो गए। उन्हें पेशवाई में अलौकिक आनंद की अनुभूति हुई। पेशवाई उज्जैन के फ्रीगंज के गुरुद्वारा भवन पर गुरु ग्रंथ साहेबजी की पूजन-अर्चना एवं प्रसादी वितरण के बाद प्रारंभ हुई। सबसे आगे निर्मल पीठाधीश्वर श्री महंत ज्ञानदेवसिंह जी महाराज रथ पर विराजित थे। उसके बाद आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी सचिनानंद हरि साक्षी महाराज, बाबा कश्मीरसिंह धूनीवाले अमृतसर, ठाकुर दिलीपसिंह लुधियाना, स्वामी भक्तानंद नामधारी, संत श्री तेजासिंह, संत भगवंत भजनसिंह जालंधर, संत बाबा तीरथसिंह तुलिया वाले, संत श्री गुरुचरणसिंह, संत मक्खनसिंह होशियारपुर एवं स्वामी भक्तानंद गिरिजी रथ पर सवार होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रहे थे।

प्रभारी मंत्री श्री भूपेन्द्रसिंह, विधायक डॉ. मोहन यादव ने फ्रीगंज पहुँचकर पेश्वाई में शामिल संतों से भेंट कर पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया और संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। पेशवाई फ्रीगंज गुरुद्वारे से माधवनगर, शहीद पार्क, टॉवर, चामुंडा माता चौराहा, देवास गेट, मालीपुरा, दौलतगंज कंठाल, सती गेट, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, दानी गेट, दत्त अखाड़ा होते हुए बड़नगर रोड स्थित अखाड़े की छावनी पहुँची।

पेशवाई में राष्ट्रीय कलचुरी ग्राम का रथ और कार्यकर्ता भी शामिल थे। सबसे आगे धार्मिक धुन पर पाँच सफेद घोड़े नृत्य करते हुए पेशवाई में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र रहे। पीछे साधु संत गण कतारबद्ध चल रहे थे। इसके बाद 12 रथ और बेंड बाजे तथा श्रद्धालु चल रहे थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *