मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी का कार्य 16 मार्च से चल रहा है। अब तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर 32 लाख 3 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी के लिये 3000 केन्द्र बनाये गये हैं। प्रदेश में इस वर्ष 1525 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर गेहूँ खरीदी का कार्य किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर 4 लाख 14 हजार 777 किसान से गेहूँ की खरीदी की गयी है। गेहूँ खरीदी के बदले किसानों को अब तक 3114 करोड़ का भुगतान किया गया है।
प्रदेश में संभागवार खरीदी में इंदौर में 2 लाख 60 हजार मीट्रिक टन, भोपाल में 10 लाख 37 हजार, नर्मदापुरम में 7 लाख 61 हजार, उज्जैन में 4 लाख 38 हजार, सागर में एक लाख 75 हजार, जबलपुर में 2 लाख 80 हजार, ग्वालियर में एक लाख 42 हजार और चम्बल संभाग में 75 हजार मीट्रिक टन, रीवा संभाग में 31 हजार मीट्रिक टन और शहडोल संभाग में 618 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है।
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी का कार्य 20 अप्रैल को समाप्त हो गया। उज्जैन जिले में अब तक एक लाख 66 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की गयी। किसानों को अपनी उपज बेचने में असुविधा न हो, इसके लिये उन्हें किस तिथि को उपार्जन केन्द्र पहुँचना है, इसकी सूचना मोबाइल पर एसएमएस के जरिये दिये जाने की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश में इस वर्ष 19 लाख 34 हजार किसान ने अपनी उपज बेचने के लिये पंजीयन करवाया है। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी के लिये स्टेट सिविल सप्लाइज कार्पोरेशन और मार्कफेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
उपार्जन केन्द्रों पर बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है। इस वर्ष पौने तीन लाख गठान की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश में इस वर्ष 75 लाख मीट्रिक टन गेहूँ खरीदी का अनुमान लगाया गया है। पिछले वर्ष प्रदेश में समर्थन मूल्य पर 73 लाख 9 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की गयी थी।