विश्व शांति एवं मानव कल्याण जैसे वैश्विक अनुष्ठानों और सेवा प्रकल्पों के लिये समर्पित अखिल भारतीय विश्व गायत्री परिवार का उज्जैन सिंहस्थ में लगा पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंडाल में विशिष्ट आध्यात्मिक साहित्य की बिक्री भी हो रही हैं। यहाँ नारी सशक्तिकरण, युवा उत्थान, वैचारिक प्रदूषण समाप्त करने, सामाजिक कुरीतियों एवं व्यसन उन्मूलन के लिये संजीवनी साधना यज्ञ भी किया जा रहा है।
मेला क्षेत्र में नौ दिवसीय संजीवनी साधना यज्ञ में हजारों की संख्या में शामिल गायत्री परिवार के सदस्य 24 हजार गायत्री मंत्र का जाप कर यज्ञ में आहुतियाँ अर्पित कर रहे हैं। मंगलनाथ क्षेत्र में लगे विशाल शिविर के प्रभारी परमानंद दुबे सहित जे.एस. पाराशर, रमाकांत खरे, प्रभाकांत तिवारी, शिवकुमार पांडेय, पुरुषोत्तम दुबे ने एक स्वर से सिंहस्थ की बेहतर व्यवस्थाओं के लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुक्त कंठ से सराहना की। इन लोगों ने कहा कि यहाँ की व्यवस्थाएँ हरिद्वार और नासिक कुंभ में की गई व्यवस्थाओं से बेहतर हैं। मेला क्षेत्र की साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, पंडालों में नि:शुल्क विद्युत आपूर्ति, राशन एवं पानी की उपलब्धता सभी का इंतजाम यहाँ बेहतर है। इसका एकमात्र कारण यह है कि इन सभी कार्यों की निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री ने की है। इसलिए मेला क्षेत्र सहित आज सम्पूर्ण शहर स्वच्छ और व्यवस्थित नजर आता है। श्री दुबे ने कहा कि इतने बड़े आयोजन में छोटी-मोटी घटनाएँ और थोड़ी बहुत असुविधाएँ होना लाजमी है। इन सबके बावजूद श्रद्धालुओं को यहाँ सचमुच जीवन का अद्भुत, अनूठा और आह्लादकारी अनुभव हो रहा है।