मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2006 के मालेगांव विस्फोट मामले में आज आठ आरोपियों को बरी कर दिया। इस विस्फोट के सिलसिले में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते ने 2006 में नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों को नवंबर 2011 में जमानत मिल गई थी और एक व्यक्ति की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी।
सत्र न्यायाधीश वी वी पाटिल ने रिहाई के आवेदनों की सुनवाई करते हुए कहा कि आठ आरोपियों द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्रों को वे स्वीकार कर रहे हैं, क्योंकि दोष सिद्ध करने के लिए कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
मुम्बई की एक अदालत ने आज 2006 के मालेगांव ब्लास्ट केस से जुड़े 9 लोगों को बरी कर दिया है। आज हुई सुनवाई में अलग-अलग जांच एजेंसी द्वारा इन 9 लोगों के खिलाफ पुख्ता सबूत न मिलने पर आखिरकार मकोका न्यायाधीश बी.बी.पाटिल ने इन लोगों के रिहाई की अर्जी को मंजूरी दी। सितम्बर, 2006 में महाराष्ट्र के नाशिक जिले के मालेगांव में एक मस्जिद के पास हुए सिलसिलेवार बम धमकों में करीब 37 लोगों की मौत हुई थी और सौ से अधिक लोग घायल हुए थे। हालांकि हाल ही में एनआईए ने इन 9 आरोपियों को बरी करने की सुनवाई का विरोध किया था।