उत्तरप्रदेश के आठ जिलों में चार लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। हिमालय के तराई क्षेत्र में नदियों में बाढ़ से बड़ी संख्या में आबादी, जमीन, फसलों और मवेशियों के लिए खतरा पैदा हो गया है। गोंडा में सैकड़ों ग्रामीणों को सड़कों और राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सरयू, घाघरा और शारदा नदियों का पानी घरों में भी भर गया है। आकाशवाणी के लखनऊ संवाददाता ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि राज्य में वर्षा और बाढ़ की वजह से अब तक १५१ लोगों की मौत हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राहत अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संकटग्रस्त लोगों के लिए राहत सामग्री मुहैया कराने में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।