जल प्रदाय योजना के लिए 14 हजार 827 करोड़ मंजूर

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल निगम मर्यादित के माध्यम से क्रियान्वित करने के लिए प्रस्तावित सतही स्त्रोत आधारित 37 नयी समूह जल-प्रदाय योजना के लिए अनुमानित लागत 14 हजार 827 करोड़ की मंजूरी दी। इसी के तहत 10 पुनरीक्षित समूह जल-प्रदाय योजनाओं के लिए संशोधित लागत 3734 करोड़ 87 लाख के प्रशासकीय अनुमोदन को मंजूरी दी गई।

नयी समूह जल-प्रदाय योजनाओं में गांधी सागर समूह जल-प्रदाय योजना-1 और 2, माही, आगर-मालवा, संजय सागर (नेहरियाई), सगड़ (हिनौतिया माली), समनापुर-सतधारा (देवरी), केसली, शाहगढ़ बंडा-1 (बीला बाँध), शाहगढ़ बंडा-2 (धसान), मडिया (राहतगढ़-जैसी नगर), रहली, गढ़ाकोटा, ब्यारमा (जबेरा-तेंदूखेड़ा), ब्यारमा (दमोह-पटेरा), बेबस-सुनार-1 (पंचम नगर), बेबस-सुनार-2 (पगारा बाँध), बीजावर, बानसुजारा (बड़ा मलेहरा), बक्सवाहा, कुटने (राजनगर), पवई ब्यारमा, बानसुजारा (टीकमगढ़ एवं बलदेवगढ़), निवाड़ी-पृथ्वीपुर-1 (परीछा बाँध), निवाड़ी-पृथ्वीपुर-2 (नंदवार), माताटीला (बसई), कुंडालिया, मोहनपुरा, पहाड़गढ़, गोरखपुरा, पायली, सतना-बाणसागर (भदनपुर परसमनिया), कंदैला, बंडोल, सिद्धघाट-सकरी मोर्चा, संगमघाट और मालथोन समूह जल-प्रदाय योजना शामिल हैं।

पुनरीक्षित समूह जल-प्रदाय योजना में पवई बाँध (शाहनगर), सिंघौरा-2, मझगॉय (बरियारपुर), सनौधा-2, चकरपुर बाँध (बीना एवं खुरई, खिमलासा), लवकुश नगर(केन/गौरीहार), परेला-गरौली (धसान), कुण्डम-1 राघवपुर डेम (कुण्डम/मेहदवानी), करनपुरा-1 और इंदवार-1 शामिल हैं।

इन परियोजनाओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक परिवार को नल कनेक्शन के माध्यम से 70 लीटर प्रति-व्यक्ति प्रतिदिन के मान से जल-प्रदाय किया जायेगा। इन परियोजनाओं से 13 हजार 316 ग्राम की लगभग 1. 47 करोड़ आबादी लाभान्वित होगी। इन परियोजनाओं के संचालन-संधारण की जिम्मेदारी 20 वर्ष तक निर्माणकर्त्ता फर्म की रहेगी। इसमें प्रत्येक ग्राम में प्रतिदिन पानी की टंकी भरने की जिम्मेदारी शामिल है। ग्राम के अंदर जल वितरण व्यवस्था का संधारण एवं जल कर वसूली की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पेयजल उप समिति की रहेगी।

मंत्रि-परिषद ने मोहनपुरा परियोजना के लिए स्वीकृत भू-अर्जन एवं पुनर्वास पैकेज जल-संसाधन विभाग की सभी निर्माणाधीन वृहद सिंचाई परियोजनाओं (पेंच परियोजना को छोड़कर) के लिए पैकेज में अतिरिक्त लाभ देने को मंजूरी दी।

मंत्रि-परिषद ने मंत्रियों की वार्षिक स्वेच्छानुदान राशि 50 लाख तथा राज्य मंत्रियों की 35 लाख निर्धारित करने की मंजूरी दी।

मंत्रि-परिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 25 प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाने वाले 12 पद में से रिक्त 6 पद की एक बार पूर्ति सीधी भर्ती से करने की मंजूरी दी।

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में महिला उद्यमियों के लिए पूँजी लागत पर एक प्रतिशत अधिक अर्थात 6 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से अधिकतम 7 वर्ष के लिए ब्याज अनुदान देने की मंजूरी दी।

मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में विमुक्त, घुम्मकड़ और अर्द्ध-घुम्मकड़ जनजाति के उद्यमियों को परियोजना के पूंजीगत लागत का 30 प्रतिशत अधिकतम 2 लाख के स्थान पर 3 लाख रुपए तक की मार्जिन मनी सहायता देने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में भोपाल गैस पीड़ित परिवार के सदस्यों को योजना की अन्य पात्रताएँ पूरी करने पर परियोजना की पूँजीगत लागत पर अतिरिक्त 20 प्रतिशत अधिकतम एक लाख रुपए मार्जिन मनी की राशि भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग द्वारा हितग्राहियों को देने की स्वीकृति दी।

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों के लिए पॉवर फायनेंस कॉर्पोरेशन नई दिल्ली से प्राप्त 600 करोड़ रुपए के लघु अवधि ऋण के लिए राज्य शासन की गारंटी की मंजूरी दी। तीनों विद्युत वितरण कंपनी की कार्यशील पूँजी की व्यवस्था के लिए प्रत्येक विद्युत वितरण कंपनी को 200-200 करोड़ रुपए का ऋण दिया जायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *