सभी शासकीय एवं निजी इंजीनियरिंग कॉलेज तथा आईटीआई का निरीक्षण करें। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करें। तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्कूल तथा श्रम राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने यह निर्देश तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान दिये। श्री जोशी ने कहा कि दो पहिया वाहन एजेंसी मालिकों से बात कर युवाओं को मेकेनिक की ट्रेनिंग दिलवायें। गैस मेकेनिक की भी ट्रेनिंग दी जाये। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि कौशल विकास की योजनाएँ ग्रामोन्मुखी बनायें। इससे ग्रामीण युवाओं को गाँव में ही रोजगार मिल सकेगा।
श्री जोशी ने कहा कि सभी इंजीनियरिंग कॉलेज में निजी वाहन से आने वाले विद्यार्थियों के लिए ड्राइविंग लायसेंस और हेलमेट अनिवार्य किया जाये। उन्होंने कहा कि हॉस्टल वार्डन देखे कि परिसर में ड्रग्स और ड्रिंक्स उपलब्ध नहीं हो।
उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज के विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान के लिए फील्ड में भी ट्रेनिंग दिलवाई जाये। श्री जोशी ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं को भी शीघ्र पूरा करने को कहा।
बैठक में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा ने तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान अपर सचिव तकनीकी शिक्षा श्री सुनील गुप्ता, संचालक कौशल विकास श्री संजीव सिंह और संचालक तकनीकी शिक्षा डॉ. आशीष डोंगरे उपस्थित थे।