लोक सेवा केन्द्र एवं एमपी ऑन लाइन के साफ्टवेयर पोर्टल और नवीन पेमेंट गेटवे अंतर्गत दोनों पोर्टल के साफ्टवेयर में आवश्यक परिवर्तन राज्य लोक सेवा अभिकरण के द्वारा कराया गया है। नवीन व्यवस्था एक जुलाई से प्रभावशील हो गई है।
क्षेत्र अधिकार एवं सेवा प्रदाय प्रक्रिया और नवीन पेमेंट गेटवे एवं फीस संबंधी का निर्धारण राज्य लोक सेवा के अभिकरण द्वारा किया गया है जिसके अनुसार एमपी ऑन लाइन कियोस्क ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (लोक सेवा केन्द्रों) की सेवाओं के लिए अपने जिले में क्षेत्राधिकार से मुक्त रहेंगे। लोक सेवा केन्द्र भी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल साफ्टवेयर में परिवर्तन करने के उपरांत क्षेत्राधिकार से मुक्त होंगे। पदाभिहित अधिकारी को अब हार्ड कॉपी भेजने की आवश्यकता नही होंगी।
जिन सेवाओं के लिए हार्ड कॉपी मूवमेंट की विभागीय नियमानुसार आवश्यकता होती है, इस प्रकार की सेवाओं को वर्तमान में एमपी ऑन लाइन कियोस्क से प्रदाय नही किया जाएगा।
इंटीग्रेशन प्रक्रिया के अंतर्गत अब लोक सेवा केन्द्रों द्वारा दी जा रही समस्त सेवाओं के लिए पेमेंट गेटवे एमपी ऑन लाइन का होगा। लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत चयनित सेवाओं के लिए प्रोसेस फीस 25 रूपए एवं ई-गवर्नेंस सोसायटी का शुल्क पांच रूपए इस प्रकार कुल तीस रूपए लिए जाएंगे। सेवाओं की प्रशासनिक, लीगल एवं अन्य फीस विभागीय नियमानुसार अतिरिक्त होगी। समस्त लोक सेवा केन्द्र संचालकों को एमपी ऑन लाइन वालेट में कम से कम एक हजार रूपए की राशि का रिचार्ज कराना आवश्यक होगा।