डीपीएस और बिलाबाँग स्कूल के बच्चों ने बनाए ईको फ्रेंडली गणेश

एप्को की ग्रीन गणेश कार्यशाला में आज दिल्ली पब्लिक स्कूल और बिलाबाँग स्कूल के छात्र-छात्राओं का जो जोश उमड़ा उससे लगा कि मानो भारतीय संस्कृति ने ‘यू-टर्न’ ले लिया है। बच्चे भक्ति, प्यार, लगन, सृजनात्मकता के साथ मिट्टी के गणेश बना रहे थे। बच्चों ने पीओपी से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को भी समझा और आगे उपयोग न करने का संकल्प भी लिया। आज एक बार फिर सिद्ध हुआ कि भारतीय संस्कृति के सैकड़ो-हजारों वर्ष पूर्व बने रीति-रिवाज पर्यावरण हितैषी हैं। बच्चे आल्हादित थे कि वे अपने बनाए गणेश जी घर ले जा सकते थे।

हर वर्ष हो यह कार्यशाला

दिल्ली पब्लिक स्कूल की कला संकाय अध्यक्ष श्रीमती सुचिता राय ने कार्यशाला की प्रशंसा करते हुए कहा कि कार्यशाला हर साल 2-3 चरणों में और गणेश चतुर्थी से 8-10 दिन पहले हो ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी भाग ले सकें। शिक्षिका डॉ. नम्रता शर्मा ने कहा कि कार्यशाला बच्चों के संस्कार और सृजनात्मकता मजबूत करेगी।

बिलाबाँग हाई इन्टरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य श्री आशीष अग्रवाल और अध्यापिका श्रीमती मालविका जोशी ने कहा कि कार्यशाला बच्चों में सृजनात्मकता वृद्धि के साथ पर्यावरण की रक्षा में उठाया गया अच्छा कदम है। श्रीमती जोशी ने कहा कि बच्चों ने जाना कि मिट्टी को बार-बार गढ़ा जा सकता है जबकि पीओपी अघुलनशील हो नुकसान पहुँचाती है।

मंदाकिनी ग्राउण्ड पर लोगों ने बनाए गणेश

कोलार रोड पर मंदाकिनी ग्राउण्ड पर भी लोगों की अपार भीड़ उमड़ी। हर उम्र के लोगों ने श्रद्धा, लगन और चाव से गणेश मूर्ति बनाना सीखा और उत्साह से घर ले गये। एक बुजुर्ग ने कहा कि ग्रीन गणेश की जितनी प्रशंसा की जाये कम है, पहली बार देखा है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से आकर गणेशजी खुद बनाकर ले जा रहे हैं! अद्भुत। डॉ. शुभ्रता गुहा ने कहा कि एप्को का यह प्रयास बहुत सराहनीय है। अपने हाथ से सृजन का आनंद ही कुछ और है।

ग्रीन गणेश कार्यशाला 3 सितम्बर

एप्को द्वारा 3 सितम्बर को शासकीय नवीन माध्यमिक स्कूल (ओल्ड कैम्पियन) अरेरा कॉलोनी में 11 से 12 बजे दोपहर और दशहरा मैदान बिट्टन मार्केट में शाम 3 से 6 बजे ग्रीन गणेश कार्यशाला होगी। पर्यावरण आयुक्त श्री अनुपम राजन ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यशाला में पहुँचकर लाभ उठाने की अपील की है।

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