परोपकारी बिल गेट्स ने बड़े नोटों पर पाबंदी को साहसिक कदम बताया

माइक्रोसाफ्ट के संस्थापक एवं बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह चेयरपर्सन बिल गेट्स ने आज गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। सिंह ने गेट्स से कृषि क्षेत्र में कामगारों के कौशल उन्नयन में केंद्र सरकार के प्रयासों में सहयोग मांगा।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि गृह मंत्री ने गेट्स से केंद्र सरकार की पहल में सहयोग मांगा जिससे देश के कृषि क्षेत्र के कामगारों का कौशल बढ़ाया जा सके।
उधर दूसरी तरफ अरबपति परोपकारी बिल गेट्स ने आज यहां आईटी मंत्री रवि शंकर प्रसाद से भी मुलाकात की। गेट्स ने प्रसाद के साथ इस बात पर चर्चा की कि उनका फाउंडेशन डिजिटल समावेशन, हेल्थकेयर, ई-भुगतान जैसे क्षेत्रों में कैसे भागीदारी कर सकता है। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह संस्थापक गेट्स ने बैठक के बाद कहा,‘भारत में यह उत्साहजनक समय है और डिजिटल प्लेटफार्म में बहुत अच्छे अवसर हैं।’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने भुगतान बैंक व भुगतान बुनियादी ढांचे में निवेश किया है और अब उस पर एप्लीकेशन बनाने की जरूरत है। गेट्स ने कहा,‘हमें हेल्थ एप्लीकेशन, कृषि एप्लीकेशन पर काम करने की जरूरत है और हमारा फाउंडेशन इन क्षेत्रों में काम को प्रतिबद्ध है। इसलिए मंत्रालय के साथ हमारे रिश्ते महत्वपूर्ण होंगे।’ प्रसाद ने कहा कि गेट्स ने डिजिटल भुगतान, डिजिटल हेल्थ व ई कृषि जैसे क्षेत्रों में रचि दिखाई है।
साथ ही बिल गेट्स ने बड़े नोटों पर पाबंदी को भारतीय सरकार का साहसिक कदम बताया है। भारत में बड़े मूल्य के नोटों के चलन पर प्रतिबंध के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय की तारीफ करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने कहा है कि यह एक ‘साहसिक कदम’ है और इससे देश में कालेधन की अर्थव्यवस्था घटेगी।
गौरतलब है, कि मोदी ने आठ नवंबर को अप्रत्याशित निर्णय कर 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद कर दिया है।
बिल गेट्स ने कहा, कि भारत में डिजिटल वित्तीय समावेश के सभी साधन मौजूद है। आधार से खाता खोलने की कागजी कार्रवाई कम होगी और यह काम 30 सेकेंड में हो जागा।

 

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