मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव कर ऐसे पाठ जोड़े जाएंगे, जो सकारात्मक हों और उसे पढ़कर आनंद का बोध हो। शनिवार को टीटी नगर स्टेडियम में आनंद उत्सव की शुरुआत के बाद शिवराज ने कहा कि पाठ्यक्रम में सकारात्मक दृष्टिकोण वाले पाठ जोड़े जाएंगे। इसके साथ ही स्कूलों में आनंद सभा की शुरुआत भी की जाएगी।
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पहली से पांचवी तक हिंदी विषय में भक्त प्रहलाद, धु्रव, महाराणा प्रताप और रानी लक्ष्मी बाई आदि की कहानियां जोड़ी जाएंगी, जिससे बच्चे प्रेरणा ले सकें। इसके साथ ही शिक्षकों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी कि वे इन कहानियों को भावपूर्ण ढंग से पढ़ा सकें। स्कूलों में कहानी प्रतियोगिता के साथ इसकी शुरुआत भी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने आनंद उत्सव की शुरुआत के मौके पर कहा कि अमीर हो या गरीब, सभी आनंद के साथ जीना चाहते हैं। यदि लोग आंसू बहाते रहें तो सरकार चलाने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों के लिए अपने पास मौजूद ज्यादा सामान को दान करने की व्यवस्था पंचायत स्तर तक की जाएगी। इस व्यवस्था पर सरकार कोई नियंत्रण नहीं रखेगी, बस इतना ख्याल रखा जाएगा कि कोई भी इन सामानों का दुरुपयोग न करे।
मुख्यमंत्री ने मंच से आईएएस अधिकारियों को भी अपने कपड़े लोगों के लिए दान करने को कहा। उन्होंने कहा कि आईएएस अफसरों के पास कई स्टाइल के कपड़े होते हैं। जो ज्यादा हैं, उनका दान कर दें। इसका मतलब यह नहीं है कि ज्यादा चीजें खरीदना बंद कर दें, खरीदें और दान भी करें।