नीति आयोग की लकी ड्रॉ स्कीमों के लिए विजेताओं और इनामी रकम की घोषणा हो गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 3.42 लाख विजेताओं को 54.90 करोड़ रुपए की इनामी राशि का ऐलान किया है।
डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के मकसद से उपभोक्ताओं और दुकानदारों के लिए दो स्कीमें- लकी ग्राहक योजना (एलजीवाई) और डिजिधन व्यापार योजना (डीवीवाई) शुरू की गई थीं। इन दोनों स्कीमों को बीते साल 25 दिसंबर को लॉन्च किया गया था। ये 14 अप्रैल तक खुली रहेंगी।
एनपीसीआई ने एक बयान में कहा कि पहले ड्रॉ के तहत 15000 लकी ग्राहकों को हर दिन इनाम दिया जाएगा। इसके लिए कुल इनामी राशि 1.5 करोड़ रुपए रखी गई है। इसके अलावा ऐसे 14 हजार विजेता हैं जिन्हें हर हफ्ते 8.3 करोड़ से ज्यादा की प्राइज मनी दी जाएगी।
विजेताओं की सबसे ज्यादा संख्या वाले पांच राज्यों में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक उभरे हैं। महिलाओं ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया है। ज्यादातर विजेता 21 से 30 साल के आयुवर्ग में हैं। ऐसे विजेताओं की भी अच्छी खासी संख्या है जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है। डिजिटल भुगतान को अपनाने में सभी आयुवर्ग और व्यवसायों के लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
यूपीआइ, यूएसएसडी, आधार नंबर आधारित पेमेंट सिस्टम और रुपे कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक और दुकानदार दैनिक और साप्ताहिक लकी ड्रॉ पुरस्कार जीतने के लिए पात्र हैं। एनपीसीआइ 14 अप्रैल तक सरकार के साथ मिलकर 110 अलग-अलग जगहों पर डिजिधन मेला आयोजित करने पर भी काम कर रहा है। इन दोनों ही स्कीमों का मकसद लोगों को ट्रांजैक्शन की डिजिटल प्रणाली की ओर आकर्षित करना है।