चीन में चिंता का विषय बना हुआ कुशल श्रमिकों के लिए मांग और आपूर्ति का असंतुलन

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कहे जाने वाले चीन में बीते साल 13 मिलियन से ज्यादा नए रोजगार का सृजन हुआ, जबकि देश की अर्थव्यवस्था गिरावट के साथ 6.7 फीसदी की दर पर थी। लेकिन इन सब के बावजूद भारी संख्या में मौजूद वर्कफोर्स और कुशल श्रमिकों के लिए मांग और आपूर्ति का असंतुलन चिंता का विषय बना हुआ है।
मानव संसाधन और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय (MHRSS) के आंकड़ों के अनुसार साल 2016 में शहरी निवासियों के लिए 13.14 मिलियन नए रोजगार का सृजन हुआ था, जो कि पूरे साल के लक्ष्य 10 मिलियन से कहीं ज्यादा का रहा।
वहीं चीनी शहरों में पंजीकृत बेरोजगारी की दर 4.02 प्रतिशत पर थी जो कि तीन महीने पहले 4.04 फीसदी दर्ज की गई थी। यह आंकड़ा पिछले साल की शुरुआत में तय किए गए 4.5 फीसदी के लक्ष्य से काफी कम रहा। मानव संसाधन और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय (MHRSS) के प्रवक्ता लू एहॉन्ग ने बताया कि चीन में रोजगार के आंकड़े सामान्यतया: स्थिर रहे।
लू ने बताया, “सरकार ने रोजगार को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं की एक सीरीज निकाली थी जो कि विशेषकर कॉलेज से निकलने वाले छात्र, फैक्ट्रियों से निकाले गए कर्मचारी और स्थानांतरित कर्मचारियों के लिए थीं। साथ ही देश में उद्यमशीलता की लहर ने भी रोजगार सृजन में काफी हद तक मदद की है।”

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