महिलाएं करती हैं मजदूरी, घर के पुरुष पी जाते हैं शराब

गत दिनों बड़वानी में हुए जनजाति सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ग्रामीणों से मंच से नशाबंदी का आह्वान किया था। इससे प्रेरित होकर ग्राम चौकी के लोगों ने गांव में शराबबंदी की पहल की है। उन्होंने सामूहिक रूप से संकल्प लिया। शराब पीने पर 10 हजार और परिवहन-विक्रय करने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना रखा गया है। सूचना देने वाले को 5 हजार का इनाम भी रखा है।
वहीं मंगलवार को तीन गांवों की महिलाएं शराबबंदी की मांग को लेकर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टोरेट पहुंची है। ग्राम चैरवी में ग्रामीणों ने गत दिनों बैठक आयोजित की। इसमें ग्राम पटेल, पुजारा, वारती, मुखिया व पंच शामिल हुए। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शराबबंदी का संकल्प किया। इस दौरान ग्राम के महिला-पुरूष उपस्थित थे।
ग्राम साली, भागसुर व भामी की महिलाएं मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंची। इस दौरान नायब तहसीलदार ओंकारलाल मनागरे को ज्ञापन सौंपा उक्त ग्रामों में पूर्णत: शराबबंदी की मांग की। महिलाओं ने बताया कि घर के पुरूषों में शराब की बुरी लत के कारण हमारे ग्रामों की महिलाएं खासी परेशान है।
ग्राम सीमा में संचालित शराब दुकानों पर परिवार के पुरूष शराब पीते हैं और घर आकर महिलाओं व बच्चों से मारपीट करते हैं। महिलाएं दिनभर मजदूरी कर कुछ रूपए कमाती भी है, तो शराब की आदत के चलते पुरूष उन रुपयों को भी शराब में बर्बाद कर देते हैं।
यह समस्या लेकर महिलाओं लाड़कीबाई, सुभद्रा बाई, अनिता बाई, कलाबाई आदि ने बताया कि शराबियों कारण ग्राम में झगड़े, छेड़छाड़ की हरकतें की जाती है। ग्राम की सभी महिलाएं शराबबंदी के समर्थन में है। प्रशासन द्वारा हमारी सहायता प्रदान कर उक्त ग्रामों में शराबबंदी करवाई जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *