अभी भी कई दिन लग जाते हैं पुलिस वेरिफिकेशन में

शहर में पासपोर्ट कार्यालय तो खुल गया, लेकिन पुलिस वेरिफिकेशन में अभी भी कई दिन लग जाते हैं। हर पासपोर्ट के वेरिफिकेशन के लिए पुलिस को निश्चित राशि का भुगतान किया जाता है। फिर भी पुलिस समय पर काम नहीं करती।
बुधवार को लोकार्पण के दौरान विदेश सचिव ज्ञानेश्वर मुले ने मुख्यमंत्री को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा पुलिस विभाग को विदेश मंत्रालय की तरफ से वेरिफिकेशन के लिए पैसा मिलता है। यह जनता से जुड़ी सुविधा है, लेकिन उसमें देरी होती है। यह समय पर होने लगे तो पासपोर्ट और जल्दी बनने लगेंगे। दूसरे राज्यों में वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी आसान हो गई है।
उन्होंने कहा पासपोर्ट के लिए तो दो-तीन दिन में प्रक्रिया पूरी हो जाती है, लेकिन वेरिफिकेशन रिपोर्ट में समय लगता है। विदेश सचिव पहले इस मामले में डीजीपी से भी मिल चुके हैं। मुले ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विदेश विभाग प्रक्रिया का लगातार सरलीकरण कर रहा है। जो लोग पासपोर्ट के लिए आवेदन देते हैं, अब उनसे ही दिन भी पूछा जा रहा है कि वे कब कार्यालय आ सकते हैं।
पासपोर्ट कार्यालय शुरू होने के साथ ही पहले ही दिन 50 आवेदन आ गए। इनमें आसपास के जिलों के भी शामिल हैं। इनकी स्क्रूटनी (जांच) का काम अफसरों ने शुरू भी कर दिया है। पुलिस वेरिफिकेशन के बाद उनके पासपोर्ट बन जाएंगे। समारोह में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने पासपोर्ट कार्यालय समयसीमा में तैयार करने के लिए आईडीए की प्रशंसा की।
लोकार्पण के लिए आए केंद्रीय मंत्री वीके सिंह को सोनकच्छ के गुलाब जामुन भी याद आए। उन्होंने महाजन से कहा जब उनकी पोस्टिंग महू में थी तो वे बाइक से भोपाल जाया करते थे। बीच में वे सोनकच्छ के गुलाबजामुन खाना नहीं भूलते थे।
पासपोर्ट बनवाने के लिए इन बातों का रखे ध्यान
-आधार कार्ड, मतदाता कार्ड और राशन कार्ड या अन्य एड्रेस प्रूफ हो।
-फोटोकापी के साथ मूल दस्तावेज भी ले जाएं।
-आवेदन देने के बाद कार्यालय की तरफ से दिए गए अपाइंटमेंट के तय समय पर कार्यालय पहुंचें। सारे दस्तावेज (पुलिस वेरिफिकेशन सहित) हैं तो दो घंटे में प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
-तय स्लॉट के बाद वेटिंग रूम में बैठाया जाता है। वहां विंडो पर दस्तावेज जांचे जाते हैं। उसके बाद टोकन नंबर दिया जाता है।
-दस्तावेज जांचने के बाद सेक्शन ए में आपका फोटो खींचा जाता है। इसके बाद सेक्शन बी में संबंधित दस्तावेजों की फिर से जांच की जाती है। उन्हें अप्रूव कर पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
-इसके बाद आवेदक को एक्जिट गेट पर जाने को कहा जाता है, जहां रसीद मिलती है। मोबाइल पर एसएमएस के जरिए आवेदन मंजूर होने की सूचना भी दी जाती है।

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