मध्यप्रदेश ट्रेन धमाका आतंकियों के तहरीक-ए-इंसाफ संगठन से जुड़े होने की बात सामने आई

आतंकियों के तहरीक-ए-इंसाफ संगठन से जुड़े होने की बात सामने आई है। यह संगठन आईएसआईएस से जुड़ा बताया जाता है। पकड़े गए युवाओं ने बताया था कि उन पर मप्र में किसी भी तरह से घटना को अंजाम देने का दबाव था। ब्लास्ट की साजिश दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से रची गई।
यही ट्रेन क्यों चुनी : आम दिनों की तुलना में मंगलवार को ज्यादा यात्री थे। मंगलवार को शाजापुर के बोलाई स्थित सिद्धवीर हनुमान मंदिर जाने के लिए यात्री इसी ट्रेन का सहारा लेते हैं।
कैसे किया धमाका : दिल्ली से भोपाल पहुंचे तीनों आतंकियों को बम भोपाल में दिए गए। तीनों सुबह 8.30 बजे ट्रेन में सवार हुए। सामान रखने वाले रैक में सूटकेस रखा। 9.37 बजे ट्रेन जबड़ी स्टेशन रुकी। तीनों वहां उतरे। ट्रेन चलने के 5 मिनट बाद 9.42 बजे ब्लास्ट हो गया। बम का कंट्रोल मोबाइल फोन था, जिसे आतंकियों ने ट्रेन से उतरकर दबाया।
धमाके की आवाज सुनने के बाद तीनों आतंकी पैदल ही सीहोर रोड तक गए। यहां से वे बस से राजधानी के नादरा बस स्टैंड पहुंचे और पिपरिया की बस पर सवार हो गए। जबड़ी में आतंकियों के हुलिये पर हुई पूछताछ के आधार इनके भोपाल आने का पता चलते ही एटीएस ने फॉलो करना शुरू कर दिया। पहले सीहोर और बाद में भोपाल तक के रूट को फॉलो किया गया। भोपाल से उनके पिपरिया जाने की पुख्ता जानकारी के बाद होशंगाबाद पुलिस को अलर्ट कर नाकेबंदी करने को कहा गया।
पूरे मॉड्यूल में दस आतंकियों के शामिल होने की बात सामने आई है। इनमें से तीन को पिपरिया से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि कानपुर से 18 साल के फैसल को गिरफ्तार किया गया। लखनऊ में सैफुल्ला को एनकाउंटर में मार गिराया गया। वहीं पांच अन्य युवक अब भी फरार बताए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *