अफगानिस्तान की राजधानी काबुल बुधवार को आतंकी हमले से दहल गई। अमेरिकी दूतावास के पास स्थित देश के सबसे बड़े सैन्य अस्पताल पर डॉक्टरों के पोशाक में चार आतंकियों ने धावा बोला। हमले में 30 से अधिक लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए हैं।
छह घंटे चली मुठभेड़ में सभी आतंकी मार गिराए गए। हमले की जिम्मेदारी आइएस ने ली है। एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि 400 बिस्तर वाले सरदार दाउद खान अस्पताल के पिछले हिस्से में एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा दिया।
इसके बाद डॉक्टरों के पोशाक में तीन हमलावर स्वचालित हथियारों और हैंड ग्रेनेड के साथ अस्पताल में घुस गए। वे अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर चढ़ गए और गोलियां बरसाने लगे। इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर कर मोर्चा संभाल लिया। सैनिकों को हेलीकॉप्टर के जरिये अस्पताल की छत पर उतारा गया।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता दावलत वजीरी ने बताया कि दोपहर के समय तीनों आतंकियों को मार गिराया गया। इस अभियान में एक सैनिक की मौत के साथ ही तीन जवान घायल हुए हैं।
मंत्रालय के एक अन्य प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षा बलों को छानबीन के दौरान अस्पताल के भीतर 30 लोगों के शव और 50 घायल मिले। इनमें डॉक्टर, रोगी और अस्पताल कर्मचारी बताए गए हैं। इसके पहले तीन लोगों के मारे जाने और 66 घायल के घायल होने की खबर आई थी। इन्हें दूसरे अस्पतालों में पहुंचाया गया है।
हमले के दौरान अस्पताल में फंसे चिकित्सा कर्मियों ने सोशल मीडिया पर मदद मांगी। एक कर्मचारी ने फेसबुक पर लिखा, ‘हमलावर अस्पताल के अंदर हैं। हमारे लिए दुआ कीजिए।’ अस्पताल प्रशासक अब्दुल हाकिम ने कहा, ‘हमलावर हर जगह गोलियां चला रहे हैं।’