यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जब संसद में कहा कि मैं राहुल गांधी से एक साल छोटा हूं और अखिलेश से एक साल बढ़ा, तो बरबस ही लोगों के जेहन में एक बार फिर राहुल गांधी की उम्र आ गई।
यूपी चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद से राहुल चर्चा में हैं। देश की सबसे पुरानी पार्टी में कोई उनका बचाव कर रहा है तो कोई खुली चुनौती दे रहा है कि आगे आकर नेतृत्व करें या पार्टी छोड़ दें।
बहरहाल, राहुल में हमेशा उनके पिता राजीव गांधी की झलक देखी जाती रही है। हालांकि दोनों की तुलना नहीं हो सकती, लेकिन देश की सियासत पर पैनी नजर रखने वाले बताते हैं कि दोनों की राजनीतिक उपलब्धियों में जमीन-आसमान का फर्क है। एक नजर इसी से जुड़ी अहम बातों पर- 20 अगस्त 1944 को जन्में राजीव गांधी 36 साल की उम्र में सियासत में आए थे और उसके अगले ही साल सांसद बन गए थे। उन्होंने भाई संजय गांधी के निधन के बाद 1981 में अमेठी लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी।
वहीं 19 जून 1970 को पैदा हुए राहुल गांधी महज 34 साल की उम्र में सांसद बन गए थे। राहुल ने 2004 के चुनाव में अपने पिता की सीट अमेठी से जीत दर्ज की थी।
राहुल 13 साल से सांसद हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई मंत्री पद नहीं मिला है, जबकि इस बीच लगातार दो बार केंद्र में यूपीए की सरकार रही।
दूसरी ओर राजीव गांधी 40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बन गए थे। राहुल गांधी आज उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, तब तक तो राजीव पांच साल प्रधानमंत्री रह चुके थे। 46 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।