गूगल ने बुधवार को घोषणा की कि वह अपने लोकप्रिय मैपिंग ऐप को दोबारा विकसित करेगा। इससे यूजर्स अपनी लोकेशन को शेयर कर सकेंगे। सर्च इंजन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रोडक्ट के इंगेजमेंट को बढ़ाने के लिए यह किया जा रहा है।
गूगल ने कहा कि अगले हफ्ते के अंदर गूगल के एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्पल इंक के आईओएस सॉफ्टवेयर दोनों पर चलने वाले डिवाइस के दुनियाभर के यूजर्स इसे साझा करने में सक्षम हो सकेंगे। यह सुविधा गूगल मैप की प्रभावशीलता को बढ़ाने के उद्देश्य से नए टूल्स का एक हिस्सा है।
विश्लेषकों का कहना है कि कॉमर्स और परिवहन में कंपनी की महत्वाकांक्षाओं के लिए यह महत्वपूर्ण है। लोकेशन शेयरिंग फीचर भीड़-भाड़ वाली जगहों जैसे कॉन्सर्ट, कॉन्फ्रेंस आदि पर एक दूसरे का पता करने में लोगों की मदद करने के इरादे से बनाया गया है।
गूगल मैप्स का नेतृत्व कर रहे गूगल के कार्यकारी जेन फिट्जपैट्रिक ने कहा कि लोगों का इस पर नियंत्रण होगा कि वे किसे अपनी लोकेशन बता रहे हैं और कितनी देर तक उनकी लोकेशन दिख रही है। प्राइवेसी की वकालत करने वालों ने लोकेशन शेयरिंग फीचर को लेकर अतीत में चिंता जाहिर की थी।
उन चिंताओं को दूर करने के लिए गूगल यूजर के ऐप और ई-मेल के जरिये याद दिलाएगा कि वे किसके साथ अपनी लोकेशन को साझा कर रहे हैं।