बांग्लादेश में कमांडो ने शनिवार को आतंकियों के अड्डे पर धावा बोला। इस दौरान आतंकियों की तरफ से किए गए विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और 31 अन्य घायल हो गए। खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने सिलहट शहर में स्थित पांच मंजिला इमारत की करीब 30 घंटे की घेराबंदी के बाद कार्रवाई शुरू की।
अखबार डेली स्टार के मुताबिक, विस्फोट स्थानीय समय के अनुसार शाम 6.50 बजे इमारत के बाहर सड़क पर हुआ। मृतकों में दो नागरिक और एक पुलिसकर्मी हैं। इससे पहले सुरक्षा बलों ने इमारत में रहने वाले 78 अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया था।
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि सिलहट स्थित इन्फेंट्री डिवीजन के जनरल ऑफीसर कमांडिंग मेजर जनरल अनवारुल मोमेन के नेतृत्व में कमांडो दस्ते ने कार्रवाई की।
ऑपरेशन ट्विलाइट के नाम से यह कार्रवाई शनिवार सुबह नौ बजे शुरू की गई। इससे पहले लाउडस्पीकर से जब आतंकियों को बाहर निकलने के लिए कहा गया तो उन्होंने अल्लाह-हो-अकबर का नारा लगाते हुए बाहर निकलने से इन्कार कर दिया। इसके अलावा छोटे बम विस्फोट किए।
बांग्लादेश के आतंकवाद निरोधी विभाग के प्रमुख मुनीरुल इस्लाम ने बताया कि आतंकी संगठन जेएमबी (जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश) सरगना मूसा के अपने कुछ साथियों के साथ इस इमारत में छिपे होने की सूचना मिली थी। ब्रिगेडियर जनरल फखरुल अहसान ने कहा कि इमारत में कितने आतंकी हैं, यह पता नहीं चल पाया है। अब तक आतंकियों ने 12 विस्फोट किए हैं।