यदि आप फेसबुक, वॉट्सएप, टि्वटर पर यह सोचकर विवादित फोटो या अन्य कटेंट अपलोड करते हैं कि किसी पता नहीं चलेगा तो सावधान। अब मप्र पुलिस सोशल मीडिया को ही अपने नए खबरी के तौर पर इस्तेमाल करेगी। यहां पुलिस खुद के लिए मुखबिर भी तलाशेगी।
सूत्रों की मानें तो इसके लिए एक योजना भी पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों ने पिछले दिनों तैयार कर ली है। इस पर काम भी शुरू हो गया है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य गड़बड़ी करने वालों को तुरंत पकड़ना है ताकि किसी तरह का विवाद उत्पन्न् न हो।
गुप्त रूप से लोगों से जुड़ेगी पुलिस
सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सोशल मीडिया पर अकाउंट खोलकर (काल्पनिक नाम से) लोगों से जुड़ें। इससे लोगों को पता भी नहीं चलेगा कि उनके द्वारा की जा रही हर गतिविधि पर पुलिस सीधे निगाह रख रही है।
अभी तक सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट की शिकायत होने पर पुलिस कार्रवाई करती थी। नई व्यवस्था में अगर पुलिस को लगता है कि किसी पोस्ट से माहौल खराब हो सकता है तो वह खुद ही कार्रवाई कर सकेगी।
संवेदनशील मामलों की खबर भी लेंगे
खबर यह भी है कि पुलिस चाहती है नए खबरियों से बातचीत, संवेदनशील मामलों व आसपास के संदिग्ध घटनाक्रम की जानकारी अब सीधे मिलकर लेने के बजाय सोशल मीडिया के माध्यम से ही लें। इसके दो फायदे होंगे, पहला खबरी किसी के नजर में नहीं आएंगे और दी जाने वाली जानकारी कोडवर्ड में यदि किसी के सामने भी दी जाएगी तो उसके काम की भनक किसी को नहीं लगेगी।