गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकरसिंह वाघेला ने विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनने को लेकर कांग्रेस में दावा ठोक दिया है। वाघेला समर्थक कांग्रेस विधायकों की एक बैठक उनके निजी आवास पर हुई, जहां कांग्रेस महासचिव गुरुदास कामत को भी दौड़कर आना पड़ा।
कामत इसकी रिपोर्ट कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सौंपेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब सूरत में मेगा रोड शो कर रहे थे, उसी दौरान गुजरात कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर खींचतान मची थी। नेता विपक्ष शंकरसिंह वाघेला के समर्थक 36 विधायक सोमवार रात्रि उनके गांधीनगर के आवास वसंत वगडो में एकत्र हुए, इसकी भनक लगते ही कांग्रेस महासचिव गुरुदास कामत भी आनन फानन में गांधीनगर पहुंचे।
यहां जुटे विधायकों ने कामत के समक्ष मांग रखी कि पंजाब में अमरिंदर सिंह को चुनाव प्रचार समिति का काम सौंपा गया, उसी तरह गुजरात में वाघेला को स्वतंत्र रुप से यह जिम्मा सौंपा जाए तथा उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार भी घोषित किया जाए।
कामत ने विधायकों की बात सुनी तथा इस संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, व उपाघ्यक्ष राहुल गांधी को अवगत कराने का भरोसा दिया। हालांकि, कामत का कहना था कि वे अंबा माताजी के दर्शन करने आए हुए थे।विधायकों ने गांधीनगर आने की जिद की, इसलिए उन्हें आना पड़ा।
कामत ने यह भी कहा कि कोई भी नेता व विधायक कांग्रेस नहीं छोड़ रहा है। विधायकों की बैठक पार्टी अध्यक्ष के विदेश दौरे पर होना तथा प्रदेश कार्यालय से बाहर होना संगठन में खींचतान की ओर इशारा कर रहा है। कांग्रेस मुक्त भारत अभियान में जुटे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गत दिनों वाघेला से मुलाकात की थी, जिसके बाद से उनके भाजपा में शामिल होने की भी अटकलें लग रही हैं।
गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष सोलंकी, विधायक व पूर्व मंत्री शक्ति सिंह गोहिल, पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया व सिद्वार्थ पटेल भी सीएम प्रत्यासी के दावेदार माने जाते हैं। मगर, वाघेला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरह चुनाव प्रचार समिति का संयोजक बनना चाहते हैं, ताकि सीएम पद की दावेदारी में सबको पीछे छोड़ा जा सके।
पिछले लोकसभा चुनाव से पहले मोदी भाजपा चुनाव समिति के संयोजक चुने गए थे। बाद में प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी भी बन गए थे। गुजरात में बापू के नाम से चर्चित वाघेला अब मोदी फार्मूले से सीएम बनना चाहते हैं।
मगर, मूल कांग्रेसी नेता इसमें सबसे बड़ी बाधा है। प्रदेश अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी सोमवार शाम को अमेरिका की यात्रा से लौट आए, लेकिन उनके सहित कांग्रेस के 21 विधायक वसंत वगडो की बैठक में हाजिर नहीं हुए। इनमें गोहिल, परेश धनाणी, बलदेवजी ठाकोर, राघवजी पटेल आदि शामिल हैं।