तिब्बत पर चीन के अवैध कब्जे के विरोध में एक व्यक्ति ने आत्मदाह कर जान दे दी। साल 2018 में यह पहला मामला है। इंटरनेशनल कंपेन फॉर तिब्बत (आईसीटी) के गुरुवार को बताया कि 40 वर्षीय त्शेखो तुगचाक ने चीन के सिचुआन प्रांत के नगाबा काउंटी में बुधवार को आत्मदाह किया। यह घटना 2008 में हुए चीन विरोधी दंगों की सालगिरह से पहले हुई है।
चीन पर तिब्बत के अवैध कब्जे को लेकर 2009 में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के बाद से अब तक 153 तिब्बतियों ने अपनी कुर्बानी दी है। हालांकि बीजिंग के क्षेत्रीय कम्युनिस्ट पार्टी के मुखिया वू यिंगजी ने इस खबर को बेबुनियाद बताया है।
उन्होंने कहा,”अगर आत्मदाह अमेरिका में होता तो यह बिल्कुल भी अजीब नहीं था, लेकिन तिब्बत में इस तरह की घटनाएं नहीं होती।”
घटनास्थल पर विदेशी मीडिया के जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। इसलिए खबर की पुष्टि करना मुश्किल है। अकेले 2012 में 83 तिब्बतियों ने आत्मदाह किया था। बता दें कि चीन ने 1950 में तिब्बत को अपने नियंत्रण में ले लिया था।