नेशनल टैक्स कॉन्फ्रेंस “ज्ञानलोक” का शुभारंभ
प्रदेश के त्वरित आर्थिक विकास के लिये राजस्व-संग्रहण में वृद्धि आवश्यक है। राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप जीएसटी के माध्यम से शासकीय राजस्व में वृद्धि के लिए उद्योगों की स्थापना एवं व्यावसायिक कार्यो में पूंजीगत निवेश अत्यंत आवश्यक है। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नीतियाँ एवं कार्य-योजनाएं स्पष्ट व पारदर्शी हैं। विकास विजन को क्रियान्वित करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। इससे प्रदेश विकास की राह पर सदैव गतिशील बना रहे। आयुक्त वाणिज्यिक कर श्री स्वतंत्र कुमार सिंह ने ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रक्टिशनर्स(सेंट्रल ज़ोन), मध्यप्रदेश टेक्स लॉ बार एसोसिएशन, म.प्र. तथा टैक्स प्रक्टिशनर्स एसोसिएशन, उज्जैन के समन्वय से उज्जैन में दो दिवसीय नेशनल टैक्स कॉन्फ्रेंस “ज्ञानलोक” को संबोधित कर रहे थे।