प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज अरब सागर में गोवा तट के निकट देश के सबसे बड़े युद्ध और विमान वाहक पोत आई एन एस विक्रमादित्य की सवारी करेंगे। वे हेलीकॉप्टर के जरिए इस युद्धपोत पर पहुंचेंगे। श्री मोदी मिग-२९ के, सी हैरियर्स और सी किंग हेलीकॉप्टरों समेत विभिन्न नौसैनिक विमानों की उड़ान शक्ति का निरीक्षण करेंगे। प्रधानमंत्री विमान वाहक पोत आई एन एस विराट विध्वसंक पोत डेल्ही तथा फ्रिगेट तलवार सहित भारतीय नौसैना के पश्चिमी बेड़े के युद्धपोतों की तेज गति और क्षमताओं का जायजा भी लेंगे। श्री मोदी नौसेना के अधिकारियों और सैनिकों को भी संबोधित करेंगे। हमारी संवाददाता ने खबर दी है कि रूस से खरीदे गए चवालीस हजार पांच सौ टन के आई एन एस विक्रमादित्य को तत्कालीन रक्षामंत्री ए के एंटनी ने पिछले वर्ष नवंबर में नौसेना में शामिल किया था।आई एन एस विक्रमादित्य की लंबाई दो सौ चौरासी मीटर है और इसकी बीम लगभग साठ मीटर की है। इसका आकार फुटबॉल के तीन मैदानों के क्षेत्र के बराबर है। इसमें २२ डैक हैं और सोलह सौ से अधिक कर्मचारी होंगे। इस युद्धपोत में मिग-२९ के, सी हैरियर, कामोव-३१, कामोव-२८, सी किंग, ए एल एच-ध्रुव और चेतक हेलीकॉप्टरों जैसे तीस से अधिक विमानों को वहन करने की क्षमता है। आई एन एस विक्रमादित्य से देश की समुद्री क्षमता में महत्वपूर्ण बढ़ोत्तरी होगी।