बच्चे स्कूल जायें पढ़े-लिखे, बड़े आदमी बने, यह हर माँ-बाप की इच्छा रहती है। परिस्थितियाँ, मजबूरियाँ कई बार उन्हें अपने इन अरमानों को पूरा नहीं करने देती। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐसे माता-पिता
के अरमानों को पूरा करने, प्रदेश को शिक्षित बनाने और विकसित बनाने के लिये ‘स्कूल चलें हम’ अभियान शुरू किया है। यह महज रस्मी और समारोह कर समाप्त हो जाने वाला अभियान नहीं है। इसे एक तार्किक परिणिति तक पहुँचाने का संकल्प मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने लिया है। वे खुद प्रदेश के कोने-कोने में जाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की अलख जगा रहे हैं। उन्होंने अपने मंत्रीमण्डल के सदस्यों सहित शासन-प्रशासन को एक लक्ष्य दिया है कि हर वह बच्चा जो पढ़ने योग्य हो वह स्कूल जाये।
प्रथम चरण
स्कूल चलें हम अभियान सफल हो, और हर बच्चा स्कूल में हो, इसके लिये एक सुनियोजित रणनीति पर पिछले एक माह से मुख्यमंत्री के निर्देश पर अमल हुआ। वर्ष 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करने के लिये चार चरण में अमल किया जा रहा है। प्रथम चरण 30 अप्रैल से प्रारंभ हुआ। इसमें कक्षा एक प्रवेश योग्य बच्चों की सूची तैयार की गई। ग्राम शिक्षा पंजी पर उनका अद्यतनीकरण किया गया। कक्षा 6 में प्रवेश योग्य बच्चों की सूची तैयार की गई। शाला प्रभारियों द्वारा आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले बच्चों के पालकों से संपर्क कर कक्षा 9 में प्रवेश की समझाइश दी गई। कक्षा एक, 6 एवं 9 में प्रवेश योग्य बच्चों के नाम की सूची एक जून, 2014 को स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल पर डाल दी गई। प्रथम चरण में सभी शिक्षकों ने घर-घर जाकर संपर्क किया।
द्वितीय चरण
अभियान के द्वितीय चरण में ग्राम प्रभारी ने 10 से 16 जून तक आँगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों की माताओं से संपर्क किया। उन्हें 6 वर्ष के बच्चों के साथ स्कूल आने के लिये प्रेरित किया। शिक्षकों द्वारा बच्चों के पालकों से बच्चों को स्कूल भेजने के लिये 11 एवं 16 जून को पुन: संपर्क किया गया।
प्रवेशोत्सव
इन दो चरण की तैयारियों के बाद 16 जून से अभियान के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में स्कूलों में प्रवेशोत्सव मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड में शिक्षा के प्रसार के इस महाअभियान की शुरूआत की। उन्होंने 10 हजार से अधिक मेधावी बच्चों को लेपटाप देकर अपनी इस मंशा को व्यक्त किया कि वे हर उस बच्चे के साथ सरकार के संसाधनों के साथ खड़े हैं, जो पढ़ना चाहता है, आगे बढ़ना चाहता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे ऊँची उड़ान भरने और असाधारण काम करने के लिये तैयार रहें। प्रदेश को शिक्षित करके हम समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश बनायेंगे।
अभियान के अंतर्गत 25 जून से 20 जुलाई के बीच ब्रिज कोर्स का संचालन किया जायेगा। कक्षा 2 से 5, 7 और 8 कक्षा में 25 जून तक प्रवेश दिया जायेगा। माइग्रेशन वाले बच्चों का प्रवेश 31 जुलाई तक होगा। नामांकन से शेष रहे बच्चों की पहचान और उनका नामांकन 30 जून तक करवाया जायेगा। इस पूरी रणनीति का एक ही लक्ष्य है कि एक भी बच्चा स्कूल जाने से न छूटे।