केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को चार हजार चार सौ करोड़ रूपये तक का अतिरिक्त ऋण देने का फैसला किया है। यह +ऋण ब्याजमुक्त होगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि चीनी मिलें गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान कर सकें।
चीनी मिलों पर गन्ना किसानों के ११ हजार करोड़ रुपये बकाया हैं। चीनी पर आयात शुल्क में भी वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने नई दिल्ली में बताया कि चीनी उद्योग को राहत देने के लिए आयात शुल्क १५ प्रतिशत से बढ़ाकर ४० प्रतिशत कर दिया जाएगा। एक सहमति हुई है कि जो इम्पोर्ट ड्यूटी है, वो ४० पर्सेंट किया जाए। दूसरा है जो एक्सर्पार्ट इन्सेन्टिव्स है, जो अभी हम दे रहे हैं ३३सौ रूपया पर क्यूंटल उसको सितम्बर तक एक्सटेंड किया जाए। तीसरा पेट्रोल में इथनोल मिलाने का मामला है, उसमें १० पर्सेंट तक कोई आपत्ति नहीं है और जो एक्साइज लोन है, तो उसमें जीरो पर्सेंट ब्याज है, वो अगले पांच साल तक हो।