मध्यप्रदेश नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन 2014-15 के लिये मतदाता जागरूकता अभियान (SENSE) में विद्यार्थियों को केम्पस एम्बेसडर बनाया जायेगा। महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को ही एम्बेसडर बनाया जायेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव श्री जी.के. श्रीवास्तव ने बताया कि केम्पस एम्बेसडर की नियुक्ति आयोग अथवा जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा उसकी निष्पक्ष, स्वच्छ एवं गैर राजनैतिक छवि को चिन्हित कर की जायेगी। एम्बेसडर का चयन महाविद्यालय और विश्वविद्यालय द्वारा दी गई सूची के आधार पर किया जायेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी अपने स्तर पर एनएसएस/एनसीसी के सहयोग से भी एम्बेसडर का चयन कर सकते हैं। को-एड महाविद्यालयों में एम्बेसडर के रूप में एक बालक और एक बालिका का चयन किया जायेगा। एम्बेसडर के परिवार का संबंध किसी भी राजनैतिक दल या राजनैतिक गतिविधि से नहीं होना चाहिए। उसके विरूद्ध आचरण एवं व्यवहार संबंधी किसी भी तरह की शिकायत प्राप्त होने की स्थिति में तत्काल कार्यवाही की जायेगी। प्रत्येक केम्पस एम्बेसडर का पुलिस सत्यापन करवाया जायेगा। केम्पस एम्बेसडर अपंजीकृत विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को चिन्हित कर उनका पंजीयन करवायेगा। संस्थान परिसर में स्लोगन, पोस्टर, वाद-विवाद, निबंध, जिंगल लेखन, गीत लेखन और नुक्कड़ नाटक की प्रतियोगिता करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। स्कॉउट एवं गाइड, एनसीसी तथा एनएसएस जैसे संगठन के साथ समन्वय कर मतदाता पंजीकरण में उनका सहयोग करेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी एम्बेसडर को मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता जागरूकता अभियान के कार्य के लिये जरूरी सामग्री एवं सहयोग प्रदान करेंगे। इनसे एक घोषणा पत्र भी लिया जायेगा।
समयबद्ध कार्यक्रम
एम्बेसडर के चयन प्रस्ताव पर चर्चा 5 जुलाई तक की जायेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा नियुक्ति आदेश 10 जुलाई तक जारी कर दिये जायेंगे। एम्बेसडर का प्रशिक्षण 17 जुलाई तक किया जायेगा। इन्हें विभिन्न गतिविधि और प्रतियोगिताओं की सूचना 18 से 22 जुलाई के बीच दी जायेगी। महाविद्यालय स्तर पर गीत, भाषण एवं अन्य प्रतियोगिता का आयोजन 23 जुलाई से 15 अगस्त के बीच में किया जाना है। केम्पस एम्बेसडर 29 अगस्त से 15 सितम्बर के बीच महाविद्यालय परिसर में अपंजीकृत विद्यार्थियों और कर्मचारियों का पंजीकरण करवायेगा। एम्बेसडर 23 सितम्बर से 17 अक्टूबर के बीच स्थानीय स्तर पर महिलाओं, वंचित समूहों, दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित मतदाता एवं बिखरे हुए समूहों को मतदाता पंजीकरण फार्म भरवाने एवं निर्वाचन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी देंगे।