प्रदेश में गर्भधारण पूर्व एवं निदान तकनीक ( लिंग चयन प्रतिषेध ) अनिनियम 1994 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दोषियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून एनएसए में कार्यवाही की जाए। अधिनियम के अंतर्गत गठित राज्य
सुपरवाईजरी बोर्ड की बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिनियम के अंतर्गत कलेक्टर ग्वालियर द्वारा एक प्रकरण में की गई एनएसए की कार्रवाई के संदर्भ में यह निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि अन्य जिलों में भी सोनाग्राफी के माध्यम से भ्रूण के लिंग की जाँच करने वाले केन्द्रों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगें। कलेक्टर के नेतृत्व में यह कार्रवाई की जाएगी। दल गठित कर सोनाग्राफी केन्द्रों का निरंतर निरीक्षण किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हर हफ्ते निरीक्षण करेंगे। बैठक के दौरान राज्य शासन की प्रोत्साहन योजना में ग्वालियर के डॉ. के.के. दीक्षित को 2 प्रकरण में सहयोग के लिए 50 हजार की राशि पुरस्कार स्वरूप दी गई।