मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि प्रदेश में मध्यप्रदेश मंदिर प्रबंध संस्थान तथा पुजारी कल्याण कोष स्थापित किया जायेगा। विदिशा का बाढ़ वाले श्री गणेश जी का मंदिर मानव सेवा केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा।
श्री चौहान आज विदिशा में वेदोक्त, शास्त्रोक्त तथा धार्मिक विधि-विधान से बेतवा नदी के तट पर बाढ़ वाले श्री गणेश जी की प्राण प्रतिष्ठा कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश मंदिर प्रबंध संस्थान प्रदेश के मठ-मंदिरों की बेहतर व्यवस्था करने के उद्देश्य से स्थापित किया जायेगा। इस संस्थान की स्थापना इसी वर्ष प्रदेश की राजधानी भोपाल में की जायेगी। संस्थान का संचालन धर्म के प्रतिष्ठित आचार्य और विद्वजनों के नेतृत्व में गठित संचालक मण्डल द्वारा किया जायेगा। संस्थान का उद्देश्य सनातन मर्यादा, आस्था और परम्परा के अनुरूप मठ-मंदिरों का प्रबंध सुनिश्चित करना है। संस्थान द्वारा पुजारियों का प्रशिक्षण सत्र किया जायेगा। यह संस्थान मंदिरों की समस्याओं के संबंध में समय-समय पर शोध कर राज्य शासन का ध्यान आकर्षित करेगा। मंदिरों के प्रबंध में मंदिरों से जुड़ी विभिन्न धार्मिक गतिविधि जैसे वेद विद्यालय, आगम शालाएँ, संस्कृत पाठन, मंदिर सरोवर, उद्यानों का जीर्णोद्धार, मंदिर धर्म ग्रंथालय का विकास, मंदिर वास्तु शास्त्र आदि के लिये संस्था का निर्माण कार्य संस्थान द्वारा किया जायेगा। संस्थान धर्म शिक्षा की विभिन्न शाखाओं के लिये पाठ्यक्रम भी संचालित करेगा। मंदिर में पूजा-अर्चना एवं दर्शन की शास्त्रीय प्रथाओं के लिये समय-समय पर मार्गदर्शन जारी करेगा। मंदिरों के चल-अचल सम्पत्ति के संरक्षण और वर्षभर के सांस्कृतिक पंचांग के अनुसार पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों की सलाह भी यह संस्थान देगा। श्री चौहान ने कहा कि राज्य शासन द्वारा मंदिर प्रबंध संस्थान के सुझावों पर अमल किया जायेगा।