भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा-स्थली उज्जैन में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्थापित महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय संस्कृत भाषा और वेदों की अमृत-तुल्य शिक्षा की सुवास का निरंतर प्रसार कर रहा है।
वर्ष 2008 में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की पहल पर स्थापित इस विश्वविद्यालय से 1283 विद्यार्थी उपाधियाँ प्राप्त कर चुके हैं। अभी तक 548 विद्यार्थी शास्त्री और 501 विद्यार्थी आचार्य की उपाधि ग्रहण कर चुके हैं। इसके अलावा 109 विद्यार्थी ने बी.ए. तथा 125 विद्यार्थी ने एम.ए. की कक्षा उत्तीर्ण की है। विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न छात्रवृत्ति तथा उच्च शिक्षा ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है।
विश्वविद्यालय में पीएच.डी., विद्यावारिधि, एम.फिल., आचार्य आदि उपाधि के पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। विद्यार्थियों को वेद, व्याकरण, साहित्य-शास्त्र, ज्योतिष, ज्योतिर्विज्ञान, संस्कृत-साहित्य जैसे विषय पढ़ाये जा रहे हैं। साथ ही दर्शन-शास्त्र की शिक्षा भी दी जा रही है।