किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने प्रदेश में मण्डी बोर्ड में सभी तरह के भुगतान की प्रक्रिया के सरलीकरण के निर्देश दिये हैं। निर्माण कार्यों के ठेकेदारों के देयकों का भुगतान, आँचलिक कार्यालयों
को बजट राशि और अन्य मदों में भुगतान, आर.टी.जी.एस. के माध्यम से ई-पेमेंट की यह प्रक्रिया लागू की गई है। इससे शासन की मंशा के अनुसार भुगतानों में पारदर्शिता आने के साथ शीघ्र भुगतान हो सकेगा। मण्डी बोर्ड एवं मण्डी समितियों में वर्तमान में 20 लाख से अधिक लागत के निर्माण कार्यों के लिये ई-टेण्डरिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। इस प्रक्रिया में संशोधन करते हुए शासन की मंशा के अनुसार कार्यों में पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धा को दृष्टिगत रखते हुए अब किसी भी लागत राशि के निर्माण कार्यों के लिये ई-टेण्डरिंग के माध्यम से निविदाएँ आमंत्रित की जायेंगी। मण्डी बोर्ड एवं मण्डी समितियों के निर्माण कार्यों के लिये लोक निर्माण विभाग के प्रचलित एस.ओ.आर. एवं ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के लिये मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के प्रचलित एस.एस.आर. को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।