रक्षामंत्रालय ने आज सेना और वायुसेना के लिए 197 लाईट यूटीलिटी हैलिकॉप्टरों की खरीद से संबंधित छह हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि की घोटाले के आरोपों से घिरी निविदा रद्द कर दी।
यह नर्णिय आज नई दिल्ली में रक्षामंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद की बैठक में लिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि परिषद ने पुराने पड़ रहे पनडुब्बियों के बेड़े के मिडलाईफ अपग्रेड करने के प्रस्ताव सहित 17 हजार पांच सौ करोड़ रुपये के प्रस्तावों को भी स्वीक्रति दी। परिषद ने देश के उद्योगों को सशस्त्र बलों की जरुरतें पूरी करने के लिए ऐसे करीब चार सौ हेलिकॉप्टरों का निर्माण करने का अवसर देने का भी निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले से रक्षा क्षेत्र में घरेलू उद्योग के लिए चालीस हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का कारोबार होने की संभावना है। इससे पहले, सीबीआई को अगस्ता वेस्टलैण्ड हेलिकॉप्टर घोटाले से संबंधित इस आरोप की जांच करने का आदेश दिया गया था कि ब्रिगेडियर स्तर के एक अधिकारी ने कंपनी को यह सौदा दिलाने में मदद करने के बदले उससे कथित तौर पर 30 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।