शासकीय कर्मचारियों को तृतीय उच्च वेतनमान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में सम्पन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में ऐसे शासकीय सेवकों को तृतीय उच्च वेतनमान देने का निर्णय लिया गया जिन्हें शासकीय सेवा में नियुक्ति

की तिथि से दो पदोन्नत/क्रमोन्नत/समयमान वेतनमान का ही लाभ प्राप्त हुआ है और जिन्होंने एक जुलाई 2014 अथवा इसके बाद की तिथि से 30 वर्ष या इससे अधिक अवधि की सेवा पूरी कर ली हो। इस निर्णय के फलस्वरूप सरकार पर 418 करोड़ रुपये का व्यय भार आयेगा। शासकीय सेवक की तीसरे उच्च वेतनमान के लिये सेवावधि की गणना वर्तमान सेवा के आधार पर प्रतियोगी/चयन परीक्षा के माध्यम से किसी सीधी भर्ती के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से होगी। ऐसे शासकीय सेवक जिन्हें सेवा की समयावधि के आधार पर समयमान वेतनमान की पात्रता बनती है तथा देय समयमान वेतनमान/ग्रेड वेतन उस शासकीय सेवक को लागू भर्ती नियमों में उसके पदोन्नत पद के वेतनमान/ग्रेड वेतन से न्यून है, तब पदोन्नत पद के लिये भर्ती नियमों में निर्धारित शैक्षणिक अर्हताएँ समयमान/वेतनमान की पात्रता के लिये विचार में नहीं ली जायेंगी।

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