मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहाँ सम्पन्न निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद् की बैठक में रुपये 331.86 करोड़ लागत की 4 औद्योगिक परियोजना को मंजूरी दी गयी।
इनसे करीब 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। बैठक में थ्रस्ट सेक्टर के अंतर्गत विशेष सहायता के लिये उद्योगों द्वारा निर्मित आइटमों की सूची भी अनुमोदित की गयी। श्री चौहान ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि प्रदेश में उद्योगों को लाने की मंशा का माइंड सेट बनायें। निवेशकों को नीति के अनुसार मिलने वाली सुविधाओं में देरी नहीं हो। प्रदेश में उद्योगों में निवेश को प्रात्सोहन देने वाली नीति लागू की गयी है। सभी संबंधित विभाग सक्रिय और सजग रूप से आगे आकर कार्य करें। राज्य सरकार की मंशा उद्योगों को निवेश मित्र वातावरण उपलब्ध करवाने की है। बैठक में मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेन्ट लिमिटेड द्वारा कटनी जिले के ग्राम झरेला में वाल केयर पुट्टी प्लांट निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। प्लांट की स्थापना पर लगभग 78 करोड़ का स्थायी पूँजी निवेश होगा। प्लांट से लगभग 40 हजार टन पुट्टी का प्रतिवर्ष उत्पादन होगा। उल्लेखनीय है कि भारत की इस सबसे बड़ी सीमेंट कम्पनी की एक इकाई नीमच जिले के खोर में कार्यरत है। कम्पनी के सतना जिले के रामनगर और नागौद तथा धार जिले में तीन सीमेंट प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया है। समिति ने उद्योग संवर्धन नीति एवं कार्य-योजना के अनुरूप परियोजना को उद्योग संवर्धन सहायता का लाभ 75 प्रतिशत की दर से 10 वर्ष के लिए शर्तों के अधीन देने का निर्माण लिया। परियोजना को 5 वर्ष तक प्रवेश कर से मुक्ति दी जायेगी। उल्लेखनीय है कि आदित्य बिड़ला समूह ने मध्यप्रदेश में 20 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है।