ग्वालियर की पेयजल समस्या का स्थायी हल चम्बल नदी के पानी से किया जायेगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान तथा केन्द्रीय श्रम, इस्पात एवं खान मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा आज यहाँ ग्वालियर
विकास के संबंध में ली गयी महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। श्री चौहान तथा श्री तोमर ने ग्वालियर के विकास तथा आगामी योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्वालियर के आगामी 30 वर्षों के विकास के मद्देनजर उपयोगी तथा टिकाऊ कार्य किये जाये। नगर का कोई भी घर शौचालय विहीन नहीं रहे। बैठक में ग्वालियर नगर निगम सहित विभिन्न विभाग की लगभग 3,060 करोड़ की योजनाओं के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि चंबल नदी से पानी लेने की परियोजना से मुरैना, सीतापुर तथा बानमोर को भी पानी मिलेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि अपर ककेटो परियोजना का पुन: परीक्षण किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उपयुक्त होने पर शेष कार्य पूर्ण किये जाये। गांधी रोड को सिक्स लेन तथा नया गाँव से रायरू बॉयपास और चौधरी ढाबे से माधव कॉलेज तक फोर लेन बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। कोई 270 करोड़ रूपये की यह परियोजना पी.पी.पी. मोड से करने का सुझाव दिया गया। बैठक में 300 करोड़ रूपये लागत की थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना पर शीघ्र ठोस कार्रवाई के निर्देश दिये गए। गुना-मुरैना इंडस्ट्रियल कॉरीडोर तथा चंबल के बीहड़ों में औद्योगिक क्षेत्र विकास की परियोजना के व्यवहारिक प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बैठक में निर्देश दिए गए।