मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अनुकम्पा नियुक्ति के संशोधित एकजाई निर्देश के प्रारूप को अनुमोदन किया गया।
अब शासकीय कर्मचारी की विवाहित पुत्री/पुत्रियों, वैधानिक रूप से गोद ली गई दत्तक संतान को अनुकम्पा नियुक्ति के पात्र सदस्यों में जोड़ा गया है। चतुर्थ श्रेणी की पात्रता रखने अथवा पद उपलब्ध न होने की स्थिति में दी जाने वाली अनुकम्पा अनुदान की राशि एक लाख 25 हजार से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई है। दैनिक वेतनभोगी, कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों को दी जाने वाली अनुकम्पा अनुदान की राशि भी एक लाख 25 हजार से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई है। यह भी प्रावधान किया गया है कि शासकीय सेवक के परिवार का पात्र आश्रित सदस्य यदि नियमित सेवा में कार्यरत हो तो ही उसके परिवार का अन्य सदस्य अपात्र होगा। शासकीय सेवक की कोई संतान वयस्क नहीं है तो प्रथम संतान के वयस्क होने की तिथि से एक वर्ष तक उसे अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकेगी।