समर्थन मूल्य पर मोटा अनाज उपार्जन

प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मोटा अनाज उपार्जन का कार्य 27 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 25 जनवरी, 2015 तक किया जायेगा। उपार्जन की व्यवस्था को लेकर खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने कलेक्टर्स को निर्देश जारी कर दिये हैं।

खरीफ विपणन मौसम 2014-15 के लिये समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। ज्वार हाइब्रिड 1530 रुपये प्रति क्विंटल, ज्वार मालदण्डी 1550 रुपये प्रति क्विंटल, बाजरा 1250 रुपये प्रति क्विंटल एवं मक्का 1310 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जित की जायेगी। मोटा अनाज उपार्जन करने की जिम्मेदारी संबंधित सहकारी संस्था की होगी। मोटा अनाज के गुणवत्ता परीक्षण के लिये सहकारी संस्था, स्टेट सिविल सप्लाइज कार्पोरेशन, वेयर-हाउसिंग लॉजिस्टिक कार्पोरेशन, खाद्य, सहकारिता एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमले को जिला-स्तर पर प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था की गई है। मैदानी अमले को निर्देश दिये गये हैं कि वे किसानों को इस बात के लिये प्रेरित करें कि वे मोटा अनाज को सुखाकर एवं छन्ना लगाकर ही खरीदी केन्द्र पर लायें। कृषि विभाग ने इस वर्ष प्रदेश में एक लाख मीट्रिक टन मोटा अनाज समर्थन मूल्य पर उपार्जन होने की संभावना व्यक्त की है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों को सभी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जायेगी। समर्थन मूल्य पर मोटे अनाज की खरीदी के बाद किसानों को कम्प्यूटराइज्ड प्रिंटेड रसीद दी जायेगी। रसीद में किसान का नाम, बेंक खाता क्रमांक तथा भुगतान योग्य राशि का विवरण होगा। इस रसीद पर उपार्जन संस्था के प्रभारी द्वारा हस्ताक्षर भी किये जायेंगे। पंजीकृत किसानों को मोटा अनाज विक्रय के लिये उपार्जन संस्था द्वारा एसएमएस द्वारा उपार्जन तिथि से अवगत करवाया जायेगा। किसान को उपार्जन दिनांक की जानकारी कम से कम 5 दिन पहले देने के निर्देश दिये गये हैं। एक दिवस में उतने ही किसान को विक्रय के लिये आमंत्रित किया जायेगा, जितने किसान से सुविधापूर्वक उपार्जन किया जा सके। उपार्जित मोटा अनाज गोदामों में जमा होने के बाद उपार्जन समिति को मोटा अनाज की कीमत, लेबर चार्जेज का तत्काल भुगतान किया जायेगा।

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